होर्मुज नाकेबंदी के बीच ट्रंप के तेवर पड़े ढीले, अब दूसरे चरण की वार्ता की तैयारी शुरू; इस बार पाकिस्तान नहीं यहां होगी US-ईरान की बातचीत
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत का रास्ता अब भी खुला है। अमेरिका खुद ईरान से बातचीत करना चाहता है। जी हां, CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब ईरान के साथ सीधी बातचीत के संभावित दूसरे दौर की तैयारी कर रहा है।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत का रास्ता अब भी खुला है। अमेरिका खुद ईरान से बातचीत करना चाहता है। जी हां, CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब ईरान के साथ सीधी बातचीत के संभावित दूसरे दौर की तैयारी कर रहा है। यह कदम तब उठाया गया है, जब वीकेंड में इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बावजूद ईरान जंग पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया।
आपको बता दें कि इसी महीने किया गया अस्थायी युद्धविराम खत्म होने वाला है। संभव है कि इससे पहले दोनों देश एक बार फिर आमने-सामने चर्चा करें। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों ही देशों ने संकेत दिए हैं कि इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद भी वार्ता के रास्ते खुले रहेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान से निकलते हुए कहा भी था कि वह फाइनल और बेस्ट प्रस्ताव ईरान के सामने रखकर जा रहे हैं।
अब पाकिस्तान नहीं, इस देश में हो सकती है वार्ता
सूत्रों ने बताया कि तारीखों और जगहों पर चर्चा अभी शुरुआती चरण में है। माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच अब बातचीत जिनेवा या इस्तांबुल जैसे शहरों में हो सकती है। हालांकि, अब भी जगह को लेकर विचार किया जा रहा है। सूत्र ने कहा, ‘अगर हालात उस दिशा में जाते हैं तो हमें तुरंत कोई व्यवस्था करने के लिए तैयार रहना होगा।’
16 अप्रैल 2026 हो सकती है वार्ता की तारीख
जानकारी के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है। अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई इस जानकारी में बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच नई वार्ता की तैयारी चल रही है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को बातचीत का नया दौर आयोजित किए जाने की संभावना है।
इन शर्तों पर अड़ा है अमेरिका
- ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन (enrichment) के सभी कार्य पूरी तरह से बंद कर दे।
- अपनी प्रमुख परमाणु संवर्धन सुविधाओं को नष्ट कर दे।
- 400 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को वापस सौंप दे, जिसके बारे में माना जाता है कि वह जमीन के नीचे दबा हुआ है।
ईरान ने अतीत में इन शर्तों को अस्वीकार कर दिया था और हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद भी उसका रुख काफी हद तक अपरिवर्तित ही नजर आता है। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों पक्षों ने परमाणु मुद्दे को सुलझाने के उद्देश्य से अपने-अपने प्रस्ताव पेश किए। बातचीत से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अमेरिकी वार्ताकारों ने ईरान को प्रस्ताव दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन में 20 साल का विराम स्वीकार कर ले।
ट्रंप ने पहले दावा किया था कि अमेरिका और ईरान मिलकर उस चीज को हटाने का काम करेंगे जिसे वह न्यूक्लियर डस्ट (परमाणु धूल) कहते हैं। हालांकि ईरान इस पर टस से मस नहीं हुआ। बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ था।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 14 April 2026 at 09:08 IST