US-ईरान तनाव के बीच अयातुल्ला अली खामेनेई सुपुर्द-ए-खाक, नम आंखों के साथ लाखों ईरानियों ने दी विदाई, नहीं दिखे बेटे मोजतबा
मौत के 4 महीने बाद ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई मशहद में सुपुर्द-ए-खाक हुए। इस विदाई में लाखों का जनसैलाब उड़ा। हालांकि, नए लीडर मोजतबा खामेनेई की गैर-मौजूदगी ने सस्पेंस बढ़ा दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Ayatollah Ali Khamenei: ईरान के लंबे समय तक पद पर रहे पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को आखिरकार सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। मौत के 4 महीने बाद उन्हें मशहद में दफनाया गया। उन्हें पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और शोक जताया। इसके साथ ही अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कई दिनों से चल रहे शोक कार्यक्रमों का समापन हो गया।
मशहद की सड़कों पर लाखों लोग जुटे। उनके हाथों में ईरान के राष्ट्रीय ध्वज और अपने दिवंगत नेता अयातुल्ला खामेनेई की तस्वीरें थीं। जनसैलाब के बीच लाल रंग के क्रांतिकारी पोस्टर लहराते दिखे, जो शिया संस्कृति में प्रतिशोध का प्रतीक माने जाते हैं। लोगों ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनकी मौत का बदला लेने की कसम खाई।
मोजतबा खामेनेई नहीं हुए शामिल
इस दौरान उनके बेटे और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहीं दिखाई नहीं दिए। अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उन्हें ईरान का सुप्रीम लीडर चुना गया था। हालांकि मोजतबा 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से अभी तक सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।
इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एक बड़ा संयुक्त सैन्य ऑपरेशन चलाया था, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हवाई हमले की जद में उनका पूरा परिवार भी आ गया था, जिसके चलते उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती को भी अपनी जान गंवानी पड़ी।
इन हमलों में मोजतबा खामेनेई भी घायल हुए थे। उनको चेहरे पर गंभीर चोट और पैर में घाव होने की बात सामने आई थी। मोजतबा के स्वास्थ्य पर तरह-तरह के दावे भी किए गए। हालांकि ईरान ने कहा है कि मोजतबा पूरी तरह स्वस्थ हैं।
कई दिनों तक चले कार्यक्रम का समापन
खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम कई दिनों तक चला। अयातुल्ला खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों की शुरुआत 3 जुलाई से हो गई थी। पहले उनके साथ परिवार के अन्य सदस्यों के शवों को तेहरान के प्रसिद्ध ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स ले जाया गया, जहां आम जनता और गणमान्य लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। उनके पार्थिव शरीर को ईरान और इराक के कई प्रमुख धार्मिक शहरों में ले जाया गया।
दोनों देशों के बीच जारी भीषण युद्ध और अस्थिर हालातों के कारण अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार तुरंत नहीं किया जा सका था। उनके पार्थिव शरीर को कई महीनों तक पूरी तरह सुरक्षित रखा गया था।
मिडिल ईस्ट में फिर बिगड़े हालात
भले ही अब अली खामेनेई को दफना दिया गया हो, लेकिन इस बीच मिडिल ईस्ट में हालात फिर बिगड़ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता अधर में लटक गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर तोड़ने का ऐलान कर दिया। इसके बाद यूएस की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले भी शुरू कर दिए गए। वहीं, ईरान की ओर से भी पलटवार किया जा रहा है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 10 July 2026 at 07:24 IST