कंगाल पाकिस्तान का बुरा हाल... खाड़ी देशों ने 22000 पाकिस्तानियों को मुल्क से खदेड़ा, UAE तो छोड़िए दोस्त सऊदी ने भी नहीं बख्शा

पाकिस्तान और सऊदी के रिश्ते हालिया महीनों में तेजी से बेहतर हुए हैं। एक तरफ सऊदी सरकार पाकिस्तान के साथ लगातार कई बड़े और अहम समझौते कर रही है। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब अपने देश से कई पाकिस्तानी नागरिकों और मजदूरों को वापस उनके देश पाकिस्तान भेज रहा है।

कंगाल पाकिस्तान का बुरा हाल... खाड़ी देशों ने 22000 पाकिस्तानियों को मुल्क से खदेड़ा, UAE तो छोड़िए दोस्त सऊदी ने भी नहीं बख्शा | Image: ANI

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खाड़ी देशों के साथ अपनी गहरी दोस्ती की कसमें खाने वाले पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा है। एक तरफ पाकिस्तानी हुक्मरान सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से रिश्ते सुधारने और 'इस्लामिक नाटो' की बहस को हवा देने में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। महज पांच महीनों यानी कि 1 मार्च से 13 जुलाई के भीतर खाड़ी मुल्कों ने 21,951 पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह आंकड़ा न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि पाकिस्तान की वैश्विक छवि पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

सऊदी अरब ने दिया सबसे बड़ा झटका

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि पाकिस्तान को सबसे बड़ा झटका उसी सऊदी अरब से लगा है, जिसके साथ उसने हाल ही में एक रक्षा समझौता किया है। कूटनीतिक मंचों पर दोनों देशों के नेता भले ही एक-दूसरे के लिए प्यार जता रहे हों, लेकिन रियाद ने जमीनी स्तर पर पाकिस्तानियों पर भारी सख्ती बरती है। रिपोर्ट के अनुसार, अकेले सऊदी अरब ने विभिन्न कानूनी मामलों और अपराधों में लिप्त लगभग 15,500 पाकिस्तानियों को डिपोर्ट किया है।

भीख मांगने से लेकर फर्जीवाड़ा तक 

डॉन अखबार की रिपोर्ट और पाकिस्तान के नारकोटिक्स कंट्रोल मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, इन नागरिकों को अलग-अलग गंभीर कारणों से वापस भेजा गया है। पाकिस्तान की सबसे ज्यादा फजीहत 'भीख मांगने' की वजह से हुई है। खाड़ी देशों से 472 पाकिस्तानियों को सिर्फ इसलिए निकाला गया क्योंकि वे वहां भीख मांग रहे थे।
इसके अलावा वीजा अवधि खत्म होने के बावजूद रुके रहना। अवैध तरीके से सीमा लांघना और घुसपैठ करना। ड्रग्स तस्करी और फर्जी दस्तावेज और शरण ना मिलना और सुरक्षा से जुड़े कारण भी शामिल है।

आंकड़ों पर गहराई से गौर करें तो कुल 4,628 भगोड़ों को डिपोर्ट किया गया, 1,294 लोगों को जेल की सजा हुई और 968 पाकिस्तानियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। इसके अलावा, 1,155 मामले ऐसे थे जिनमें पाकिस्तानियों ने अपना पासपोर्ट ही खो दिया था।

किस देश ने कितने पाकिस्तानियों को निकाला?

खाड़ी के लगभग हर प्रमुख देश ने इमिग्रेशन और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों पर कड़ा एक्शन लिया है। 
सऊदी अरब- 15,500
संयुक्त अरब अमीरात- 3,803
ओमान- 1,606
बहरीन- 521
कतर- 429 
कुवैत- 97

अपराधियों और भगोड़ों पर कसता शिकंजा

भगोड़ों को पनाह न देने के मामले में भी सऊदी अरब ने सबसे कड़ा रुख अपनाया। सऊदी ने 3,921 और यूएई ने 636 पाकिस्तानी भगोड़ों को वापस भेजा। इतना ही नहीं, इंटरपोल के जरिए यूएई से 9 अपराधियों को पकड़कर डिपोर्ट किया गया। एक्सपायर हो चुके इकामा , चोरी और बहरूपियों के मामलों में भी खाड़ी देशों की पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 21 August 2026 at 23:24 IST