बिन सैलरी 60 दिन कैसे कटे? 2 साल तक नहीं बढ़ी पगार तो शख्स ने छोड़ दी नौकरी, फिर जो अनुभव शेयर किया वो हो गया VIRAL

करण ने 2 साल जॉब करने के बाद नौकरी छोड़ दी, क्योंकि उसे अप्रेजल नहीं मिल रहा था। इंस्ट्राग्राम पर करण ने अपनी कहानी शेयर की, जो कॉक्सिक जॉब में फंसे लाखों लोगों को मोटिवेशन दे रही है। पढ़ें करण की कहानी।

Viral Story: 60 दिन बिना सैलरी के! करण ने टॉक्सिक जॉब छोड़ी तो अब कैसी लगती है जिंदगी? शेयर की अपनी कहानी | Image: INSTA- @attentionslop

Quit Job Story: नौकरी के बिना और बिन पैसे जीवन काटना आसान नहीं होता। लेकिन करण नाम के एक शख्स ने अपनी नौकरी में ग्रोथ नहीं होता देख परेशान हो गया। लगातार सोचने के बाद हिम्मत नहीं उठा पा रहा था। फिर सोच समझ कर कई दिनों बाद हिम्मत जुटा कर नौकरी छोड़ दी। इसका कारण उन्होंने बताया कि दो साल से सैलरी नहीं बढ़ी थी। फिर 60 दिनों तक बिना सैलरी काटने का अनुभव उन्होंने शेयर किया। जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

मार्च में दिया कंपनी से इस्तीफा

करण ने अपने इस अनुभव को इंस्टाग्राम पर भी शेयर किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है। करण नाम के इस शख्स ने मार्च के आखिर में कंपनी से इस्तीफा दे दिया। दो साल तक वहां काम करने के बाद उन्होंने ये फैसला लिया। हर साल अप्रेजल का इंतजार करते-करते वो रुक जाते थे, उम्मीद करते थे कि अगले साल सब ठीक हो जाएगा।

अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में करण ने लिखा- '60 दिन बिना सैलरी के', उन्होंने आगे बताया कि सैलरी एक नशा है। हर महीने पैसे आते हैं तो खुशी हो जाती है और पूरा जीवन उसी के इर्द-गिर्द घूमने लगता है। इसे छोड़ना आसान नहीं होता।

सैलरी के बिना जिंदगी कैसी?

करण अपने पोस्ट में बताते हैं कि, 'बिना सैलरी के गुजारा चुनौती भरा है लेकिन नामुमकिन नहीं। खर्चे कम करने, जरूरतों को प्राथमिकता देने और नए रास्ते तलाशने का वक्ता मिलता है।' करण का ये अनुभव उन लोगों के लिए खास है जो लंबे समय से खराब माहौल वाली नौकरी छोड़ना चाहते हैं पर हिम्मत नहीं जुटा पा रहे। 

करण की ईमानदार बातों ने सोचने पर मजबूर किया   

पोस्ट देखकर कई लोगों ने अपनी कहानियां भी शेयर कीं। एक यूजर ने लिखा- 'मैंने भी बिना नए ऑफर के जॉब छोड़ दी।' दूसरे ने बताया कि आज उनका आखिरी दिन है। किसी ने तो पूरा प्रोफेशन ही बदल लिया। ये वायरल स्टोरी बताती है कि सुरक्षा की चाह में लोग अपनी खुशी और मानसिक स्वास्थ्य को कितना नजरअंदाज कर देते हैं। करण की ईमानदार बातें कई युवाओं को सोचने पर मजबूर कर रही हैं, क्योंकि नौकरी छोड़ना एक बड़ी बात है, रेट रेस में भागते भागते इंसान इतना थक जाता है कि सपने देखना ही बंद कर देता है। ऐसे में थोड़ी हिम्मत दिखाकर खुद पर भरोसा करना भी काफी सहासी काम है।

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 4 June 2026 at 15:06 IST