तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा कैंपस... प्रोफेसर के रिटायरमेंट पर स्टूडेंट्स का भावुक फेयरवेल, VIRAL VIDEO

जमशेदपुर के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में उस वक्त माहौल बेहद भावुक हो गया, जब 33 सालों की लंबी और बेमिसाल शैक्षणिक सेवा के बाद एक लोकप्रिय प्रोफेसर को विदाई दी गई। अपने पसंदीदा शिक्षक के आखिरी दिन को खास बनाने के लिए छात्रों और फैकल्टी मेंबर्स ने एक बेहद खूबसूरत सरप्राइज प्लान किया।

तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा कैंपस... प्रोफेसर के रिटायरमेंट पर स्टूडेंट्स का भावुक फेयरवेल, वीडियो वायरल | Image: Social Media

कहते हैं कि एक सच्चा शिक्षक सिर्फ पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों का भविष्य और चरित्र गढ़ता है। अगर किसी को अपनी जिंदगी में एक बेहतरीन गुरु मिल जाए, तो उसकी सफलता की राह आसान हो जाती है। जमशेदपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल, जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (XLRI) से हाल ही में आई एक तस्वीर इस बात का जीवंत उदाहरण है। संस्थान में 33 वर्षों तक अपनी अमूल्य सेवाएं देने के बाद प्रोफेसर वेणुगोपाल पिंगली जब अपने आखिरी कार्यदिवस पर क्लासरूम से बाहर निकले, तो पूरा परिसर उनके सम्मान में नतमस्तक नजर आया।

कॉरिडोर में गूंजी तालियां, भावुक हुए प्रोफेसर पिंगली

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस बेहद भावुक वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रोफेसर पिंगली हाथों में फूलों का गुलदस्ता लिए अपनी अंतिम क्लास खत्म करके बाहर आ रहे हैं। उनके स्वागत और सम्मान के लिए कॉलेज के कॉरिडोर में दोनों तरफ सैकड़ों छात्र, फैकल्टी सदस्य खड़े थे। जैसे ही प्रोफेसर आगे बढ़े, पूरा कॉरिडोर तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साही नारों से गूंज उठा। छात्र मुस्कुराते हुए अपने प्रिय गुरु को विदाई दे रहे थे, तो कई लोग व्यक्तिगत रूप से हाथ मिलाकर उनका आभार जता रहे थे। इस अभूतपूर्व सम्मान को देखकर प्रोफेसर पिंगली भी अपने आंसू नहीं रोक पाए और मुस्कुराकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।

लिंक्डइन पर वायरल हुआ वीडियो, सहकर्मी ने साझा की यादें

इस यादगार विदाई के पल को XLRI के प्रोफेसर मनीष सिंघल ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर साझा किया। सिंघल ने 2006 में संस्थान से जुड़ने के अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए लिखा कि उस समय प्रोफेसर पिंगली डीन (एकेडमिक्स) के पद पर कार्यरत थे। वे न केवल एक महान शिक्षाविद थे, बल्कि प्रशासनिक फैसले लेते समय कर्मचारियों की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हमेशा ध्यान रखते थे।

उन्हें विशेष रूप से भारतीय बाजार की वास्तविकताओं पर आधारित मार्केटिंग फ्रेमवर्क विकसित करने के लिए जाना जाता है, जिसने MBA के कई बैचों के सोचने का जरिया बदल दिया।

पूर्व छात्रों ने कहा- 'XLRI के सच्चे आइकन'

वीडियो सामने आने के बाद प्रोफेसर पिंगली के पढ़ाए सैकड़ों पूर्व छात्र इंटरनेट पर भावुक हो गए। 1990 के दशक में उनसे पढ़ चुके एक छात्र ने लिखा कि यह विदाई उस शख्सियत के लिए बिल्कुल उपयुक्त है जिसने हजारों युवाओं के जीवन को सही दिशा दी। वहीं एक अन्य छात्र ने उन्हें 'XLRI का सच्चा आइकन' करार दिया।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 15 August 2026 at 19:22 IST