VIRAL VIDEO: ये करने की जगह है... दुरंतो एक्सप्रेस में IRCTC स्टाफ खाना परोसने वाला बर्तन टॉयलेट में कर रहा था साफ, देखकर आ जाएगी उल्टी
IRCTC Video VIRAL: यह घटना यात्रियों के भरोसे से जुड़ी है। लोग ज्यादा पैसे देकर प्रीमियम क्लास में इसलिए सफर करते हैं ताकि उन्हें बेहतर और साफ सुविधाएं मिलें। रेलवे ने इस मामले में तुरंत एक्शन जरूर लिया है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि प्रीमियम ट्रेनों में खाना परोसने से पहले पर्दे के पीछे क्या-क्या होता है।
- वायरल न्यूज़
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IRCTC Video VIRAL: भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनों जैसे राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत और दूरंतो में सफर करना महंगा होता है। हम ज्यादा पैसे इसलिए देते हैं ताकि सफर आरामदायक हो और साफ-सुथरा, अच्छा खाना मिले। लेकिन, अगर आपको पता चले कि जिस प्लेट में आप बड़े चाव से खाना खा रहे हैं, उसे ट्रेन के टॉयलेट में रखा या धोया गया था, तो आपको कैसा लगेगा? यकीनन आपको बहुत गुस्सा आएगा।
हाल ही में मुंबई (LTT) से एर्नाकुलम जाने वाली 12223 दूरंतो एक्सप्रेस से एक ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने रेलवे की साफ-सफाई और केटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 24 मई 2026 की बताई जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक यूजर ने इस घटना का वीडियो और फोटो शेयर कर रेलवे की पोल खोल दी।
यह घटना किसी स्लीपर या जनरल डिब्बे की नहीं, बल्कि ट्रेन के सबसे महंगेFirst AC - H1 कोच की है। यात्री ने देखा कि टॉयलेट के कमोड यानी टॉयलेट सीट के ठीक ऊपर वो चीनी-मिट्टी की प्लेटें और कटोरियां रखी हुई थीं, जिनमें फर्स्ट एसी के यात्रियों को लंच और डिनर परोसा जाता है।
ऐसा लग रहा था कि पैंट्री का स्टाफ इन बर्तनों को टॉयलेट में ही साफ कर रहा था और उन्हें कमोड की सीट पर रख रहा था। खुशकिस्मती से स्टाफ के वहां से बर्तन हटाने से पहले ही एक यात्री की नजर उस पर पड़ गई। यात्री ने स्टाफ के बुरे व्यवहार की भी शिकायत की।
प्रीमियम ट्रेन, लेकिन हाइजीन जीरो
इन प्रीमियम ट्रेनों में 'डायनामिक प्राइसिंग' यानी डिमांड के हिसाब से किराया बढ़ना लागू होती है और खाने का पैसा भी टिकट में ही जुड़ा होता है। आम तौर पर निचले दर्जे के डिब्बों में ठेकेदारों की लापरवाही की खबरें आती रहती हैं, लेकिन फर्स्ट एसी जैसे वीआईपी कोच में खाने के बर्तनों को टॉयलेट सीट पर रखना यह बताता है कि यात्रियों की सेहत के साथ कितना बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है।
IRCTC ने लिया कड़ा एक्शन
मामला तूल पकड़ने और वायरल होने के बाद, सरकारी कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपनी गलती मानी और तुरंत कड़े कदम उठाए।
सूत्रों के मुताबिक, इस ट्रेन में केटरिंग का ठेका 'मेसर्स वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स' के पास है, जो आरके ग्रुप की कंपनी है। IRCTC ने इस भारी लापरवाही के लिए ठेकेदार पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
जिस स्टाफ की उस दिन ड्यूटी थी और जिसने यह घिनौनी हरकत की, उसे तुरंत काम से हटाकर ट्रेन से उतार दिया गया है। ट्रेन के पैंट्री कार मैनेजर को भी सख्त चेतावनी दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
यह घटना यात्रियों के भरोसे से जुड़ी है। लोग ज्यादा पैसे देकर प्रीमियम क्लास में इसलिए सफर करते हैं ताकि उन्हें बेहतर और साफ सुविधाएं मिलें। रेलवे ने इस मामले में तुरंत एक्शन जरूर लिया है, लेकिन इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि प्रीमियम ट्रेनों में खाना परोसने से पहले पर्दे के पीछे क्या-क्या होता है। पैंट्री स्टाफ की कड़ी निगरानी और उन्हें साफ-सफाई की सख्त ट्रेनिंग देना अब रेलवे के लिए बेहद जरूरी हो गया है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 28 May 2026 at 20:59 IST