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Russia के संसद में अचानक मोदी का नाम…उसके बाद बदल गया पूरा माहौल! Russia Parliament On India
दुनिया की निगाहें इस वक्त दो बड़े रणनीतिक साझेदारों — रूस और भारत — पर टिकी हैं। वजह है रूसी संसद में दिया गया वह बयान, जिसमें पहली बार खुलकर भारत का नाम लिया गया। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वैश्विक शक्ति संतुलन में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने संसद में खड़े होकर कहा कि अमेरिका भारत को रूस से दूर करने की कोशिश कर रहा है। उनका दावा है कि अमेरिका भारत पर दबाव बना रहा है कि वह रियायती रूसी तेल छोड़कर अन्य देशों से महंगा तेल खरीदे।
लावरोव ने यह भी कहा कि उन्हें केवल डोनाल्ड ट्रंप के अलावा किसी और से यह नहीं सुनने को मिला कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा। उनके मुताबिक, अब तक भारत की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है जो रिश्तों में दरार की ओर इशारा करे।
यह मामला केवल तेल व्यापार का नहीं है। आज के दौर में ऊर्जा संसाधन वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा हथियार बन चुके हैं। तेल की आपूर्ति, कीमत और साझेदारी सीधे-सीधे देशों की रणनीतिक स्थिति को प्रभावित करती है।