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India के Paralympics स्टार Yogesh Kathuniya भगवान से Gold Medal क्यों नहीं मांगते?

रिपब्लिक भारत समिट 2024 में योगेश कथुनिया के साथ राष्ट्र सर्वोपरि सम्मेलन में जानिए उनकी कहानी. कैसे पीएम नरेंद्र मोदी बने उनके बेस्ट फ्रेंड. योगेश कथुनिया नौ साल की उम्र में गुइलेन-बैरी सिंड्रोम से ग्रसित हो गए थे. यह एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें शरीर के अंगों में सुन्नता, झनझनाहट के साथ मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है और बाद में यह पैरालिसिस का कारण बनता है. वह बचपन में व्हीलचेयर की मदद से चलते थे लेकिन अपनी मां मीना देवी की मदद से वह बाधाओं पर काबू पाने में सफल रहे। उनकी मां ने फिजियोथेरेपी सीखी ताकि वह अपने बेटे को फिर से चलने में मदद कर सके. 

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