Google Gemma 4 हुआ लॉन्च, AI अब एक नए लेवल पर पहुंचेगा, झट से होंगे इंटरनेट पर सभी काम
यह AI का युग चल रहा है जिसमें Open AI के Chat GPT के बाद Google ने भी अपने Gemini से यूजर्स का जीवन बदल दिया है। लेकिन अब गूगल ने अपना एक और नया AI मॉडल Gemma 4 लॉन्च कर दिया है।
यह AI का युग चल रहा है जिसमें Open AI के Chat GPT के बाद Google ने भी अपने Gemini से यूजर्स का जीवन बदल दिया है। लेकिन अब गूगल ने अपना एक और नया AI मॉडल Gemma 4 लॉन्च कर दिया है। इससे Google AI के बाजार में Open AI के Chat GPT और Microsoft Co Pilot को अब पहले से भी ज्यादा बड़ी टक्कर देने जा रहा है।
क्या है Gemma 4
Gemma 4 की खास बात यह है कि यह एक ओपन-सोर्स मॉडल है। इससे डेवलपर्स के साथ यूजर्स को भी बहुत बड़ा फायदा होगा। यह AI को अब एक और नए स्तर पर ले जाएगा। इसे ऐसे समझिए कि गूगल ने एक नए AI प्लेटफ़ॉर्म का निर्माण कर दिया है जिससे डेवलपर्स अपने अनुसार उसमें परिवर्तन कर उसे और बेहतर बना सकते हैं। उदाहरण के तौर पर Android भी एक ओपन-सोर्स ओएस है। सैमसंग, ओप्पो, मोटोरोला, रियलमी और शाओमी जैसी सभी स्मार्टफोन कंपनियां एंड्रॉयड ओएस का इस्तेमाल करती है। लेकिन ओपन-सोर्स ओएस होने के कारण सभी कंपनियां अपने अनुसार एंड्रॉइड में परिवर्तन कर उसे बेहतर और एक दूसरे से अलग बनाने का काम करती हैं।
इसी प्रकार से अब Gemma 4 में डेवलपर्स अपने अनुसार इस AI मॉडल में परिवर्तन कर सकेंगे। गूगल के अनुसार ओपन-सोर्स होने से डेवलपर्स को नए और बेहतर अपडेट देने में पूरी आजादी मिलेगी।
4 वेरिएंट्स में पेश हुआ
Google Gemma 4 कंपनी के AI ईको सिस्टम का नया लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका इस्तेमाल विंडोज के साथ एंड्रॉयड डिवाइस में भी किया जा सकता है। इसका निर्माण एडवांस रीजनिंग और एजेन्टिक वर्कफ्लो के लिए किया गया है। गौरतलब है कि यह Effective 2B (E2B), Effective 4B (E4B), 26B Mixture of Experts (MoE) और 31B Dense जैसे 4 अलग अलग वेरिएंट्स में उपलब्ध हुआ है।
Gemma 4 का 26B MoE मॉडल सभी फीचर्स का इस्तेमाल नहीं करता बल्कि टास्क की जरूरत के अनुसार जितनी जरूरत होती उतना ही इस्तेमाल करता है। ये टास्क को जल्दी से खत्म कर देता है।
तो वहीं 31B डेंस मॉडल सभी फीचर्स का इस्तेमाल करते हुए जल्दी से सटीक नतीजे प्रदान करता है। इसके ऊपर के अन्य मॉडल मशीन और जीपीयू पर काम करते हैं। बता दें कि Gemma 4 पर 120 भाषाओं का सपोर्ट मिलता है।
Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 4 April 2026 at 09:37 IST