अपडेटेड 8 February 2026 at 20:43 IST
क्या खाएं, क्या नहीं... शादी के खाने में अब नहीं होगा कन्फ्यूजन! AI बताएगा ज्यादा खाने का सही गेम प्लान
BuffetGPT: बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज ने 'BuffetGPT' नाम का एक अनोखा AI टूल बनाया है। यह टूल शादी के भारी-भरकम मेन्यू को स्कैन कर 'Stomach Volume Physics' के आधार पर बताता है कि आपको क्या और कितना खाना चाहिए।
BuffetGPT: भारतीय शादियों में सबसे बड़ी चुनौती रस्मों को समझना नहीं, बल्कि बुफे काउंटर के विकल्पों में से सही चुनाव करना होता है। अक्सर हम शुरुआत में ही कुछ भारी खा लेते हैं और फिर शानदार मेन कोर्स या डेजर्ट के लिए जगह ही नहीं बचती। इसी समस्या का तकनीकी समाधान निकाला है बेंगलुरु के सॉफ्टवेयर इंजीनियर पंकज ने।
पंकज ने BuffetGPT नाम का एक अनोखा एआई एजेंट बनाया है, जो शादी के बुफे को एंजॉय करने में आपकी मदद करता है। 6 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए इस इनोवेशन ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है।
'Stomach Physics' वाला है ये AI टूल
पंकज का यह टूल Computer Vision (कंप्यूटर विजन) तकनीक का उपयोग करता है। जब आप अपने फोन के कैमरे से बुफे काउंटर को स्कैन करते हैं, तो यह एआई हर डिश (जैसे कबाब, पास्ता, रसमलाई) की पहचान कर लेता है। इसके बाद शुरू होता है असली गणित, जिसे पंकज ‘Stomach Volume Physics’ कहते हैं।
यह टूल डिश के घनत्व और आपके पेट की औसत क्षमता का हिसाब लगाता है और एक कस्टमाइज्ड लिस्ट तैयार करता है कि आपको कौन सी डिश पहले खानी चाहिए, किसे पूरी तरह छोड़ देना चाहिए और तो और किस पकवान को कितनी मात्रा (Portion Size) में लेना चाहिए?
दोस्त की शादी में हुआ सफल परीक्षण
पंकज ने इस टूल के अल्फा वर्जन का परीक्षण अपने एक दोस्त की शादी में किया। उनके अनुसार, टूल ने उम्मीद से बेहतर 'गेम प्लान' दिया और लोगों को बिना ‘फूड कोमा’ (ज्यादा खाने के बाद आने वाली सुस्ती) में गए अधिक डिशेज ट्राई करने में मदद मिली।
पंकज ने मजाकिया अंदाज में लिखा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मेरी कंप्यूटर साइंस की डिग्री इसी दिन के लिए थी।’ सोशल मीडिया यूजर्स इस पर मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं, किसी ने इसे ‘एआई का सर्वश्रेष्ठ उपयोग’ बताया तो किसी ने कहा कि अब शादियों में प्लेट वेस्टेज कम करने में मदद मिलेगी।
बॉस से बचाने वाला डिवाइस
यह पहली बार नहीं है जब पंकज ने अपनी इंजीनियरिंग का इस्तेमाल मजेदार समाधानों के लिए किया हो। इससे पहले वे एक ऐसे एआई डिवाइस के लिए चर्चा में आए थे जो ऑफिस में बॉस के पास आते ही कंप्यूटर स्क्रीन को 'वर्क मोड' में बदल देता था। पंकज के ये प्रयोग बताता है कि भविष्य में एआई एक महत्वपूर्ण टूल बनकर उभरेगा, जो हमारे जीवन के छोटे-छोटे फैसलों को भी आसान बनाएगा।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 8 February 2026 at 20:43 IST