Abhishek Sharma: गर्लफ्रेंड विवाद को लेकर स्टार क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, लगाई पर्सनैलिटी राइट्स की गुहार तो क्या हुआ?

भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अपनी 'पर्सनालिटी राइट्स' की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने AI द्वारा उनकी तस्वीरों को गलत तरीके से पेश करने और छवि खराब करने का आरोप लगाया है।

 
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अभिषेक शर्मा ने लगाई याचिका | Image: social media

Abhishek Sharma: टीम इंडिया के स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रूख किया है। उन्होंने अदालत में एक याचिका दायर करते हुए उनके खिलाफ फैलाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री को हटाने की मांग की है। मामले में मंगलवार (7 जुलाई) को कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसके बाद इसे 9 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया है।

सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ?

न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ ने मामले पर सुनवाई की, जिस दौरान अभिषेक शर्मा के वकील ने सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार की गई भ्रामक तस्वीरों का मुद्दा उठाया।

कोर्ट में क्रिकेटर की ओर से उनके वकील ने दलील दी कि सोशल मीडिया पर अभिषेक शर्मा की उनकी महिला मैनेजर के साथ एक सामान्य तस्वीर को AI के जरिए ऐसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे गलत संदेश जा रहा है। पोस्ट में उनकी मैनेजर को उनकी 'गर्लफ्रेंड' के रूप में दिखाया गया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'मेटा' की ओर से पेश वकील वरुण पाठक ने कहा कि कुछ लिंक सामान्य पैपराजी स्टाइल की तस्वीरें हैं, जो पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन नहीं करती। इस पर अभिषेक के वकील ने कहा कि यह सिर्फ फोटो पब्लिश करने का मामला नहीं है, बल्कि AI से रूप बदलकर खिलाड़ी की छवि को खराब करने और उनकी शख्सियत का गलत इस्तेमाल करने की सोची-समझी कोशिश है।

कोर्ट ने की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डिजिटल युग में आ रही इन चुनौतियों पर भी अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि आजकल इंटरनेट कंटेंट को लेकर मानहानि और व्यक्तित्व अधिकारों के बीच एक बेहद बारीक रेखा रह गई है। दोनों के बीच ओवरलैप है, क्योंकि जो सामग्री मानहानिकारक होती है, वह किसी के व्यक्तित्व अधिकारों पर भी चोट करती है।

वहीं, मेटा के वकील की ओर से इस बात पर भी चिंता जताई कि अभिषेक शर्मा ने पहले करीब 25 वेब लिंक (URLs) की शिकायत की थी, जो अब बढ़कर लगभग 4,000 हो गई है। अगर इस अधिकार का दायरा इतना बढ़ा दिया गया, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए पूरे इंटरनेट से खिलाड़ी की आलोचना करने वाले हर कंटेंट को हटाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।

कोर्ट ने मांगे स्क्रीनशॉट

फिलहाल हाई कोर्ट ने याचिका की समीक्षा के दौरान पाया कि अभिषेक शर्मा की ओर से विवादित वेब लिंक्स (URLs) की लिस्ट तो दी गई है, लेकिन उन लिंक्स के स्क्रीनशॉट याचिका के साथ अटैच नहीं किए गए हैं। ऐसे में अदालत ने अभिषेक शर्मा के वकील को निर्देश दिया है कि वे 9 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई से पहले एक अतिरिक्त हलफनामा दायर करें, जिसमें सभी विवादित लिंक्स के स्क्रीनशॉट शामिल हों।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 7 July 2026 at 14:52 IST