MS Dhoni: IPL 2026 में अबतक नहीं खेले MS धोनी, लेकिन इस मामले में बने बिहार-झारखंड के नंबर- 1 ‘खिलाड़ी’

MS Dhoni Highest Taxpayer: रिपोर्ट्स के मुताबिक, धोनी ने पिछले वित्त वर्ष में टैक्स भरने की हाफ सेंचुरी मार दी है। बिहार-झारखंड में इंडिविजुअल लेवल पर टैक्स भरने के मामले में धोनी नंबर-1 पर हैं।

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MS Dhoni highest Income Taxpayer | Image: Social media

MS Dhoni Highest Taxpayer: दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज MS धोनी अपनी काफ इंडरी के चलते IPL 2026 में अबतक नहीं खेल सके हैं। लेकिन, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एक बार फिर बिहार-झारखंड के सबसे बड़े इनकम टैक्सपेयर बने हैं। बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी सुधाकर राव ने गुरुवार को रांची में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में माही ने व्यक्तिगत श्रेणी में सबसे अधिक इनकम टैक्स दिया है। 

दोनों राज्यों से 20,000 करोड़ रु. का कलेक्शन

वरिष्ठ IT अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि 2025-2026 के दौरान झारखंड और बिहार से इनकम टैक्स विभाग का कुल कलेक्शन लगभग ₹20,000 करोड़ रहा। जिसमें 12 हजार करोड़ झारखंड से और 8 हजार करोड़ बिहार से मिला है। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने बताया कि दोनों राज्यों को मिलाकर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान MS धोनी, सबसे ज्यादा व्यक्तिगत टैक्स देने वाले व्यक्ति थे। 

धोनी ने चुकाया कितना 'टैक्स'?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमएस धोनी ने पिछले वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये से अधिक का एडवांस टैक्स जमा किया है। हालांकि आयकर विभाग ने आधिकारिक तौर पर सटीक राशि तो नहीं बताई, लेकिन बिहार-झारखंड के मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. डी. सुधाकर राव ने पुष्टि की है कि व्यक्तिगत स्तर पर टैक्स भरने के मामले में धोनी दोनों राज्यों में पहले स्थान पर हैं। बता दें, धोनी की यह कमाई उनके बिजनेस वेंचर्स, ब्रांड एंडोर्समेंट्स और IPL से होने वाली आय से जुड़ी है। 

चालू वित्तीय वर्ष में भी 20,000 करोड़ का लक्ष्य 

डॉ. डी. सुधाकर राव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "कुल कलेक्शन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा 'टैक्स डिडक्शन एट सोर्स' (TDS) के जरिए मिला है।” 

राव ने कहा, “पिछले वित्त वर्ष के दौरान, भारी बारिश की वजह से खनन गतिविधियों पर थोड़ा असर पड़ा था, जिसका असर टैक्स कलेक्शन पर भी दिखा। हमें उम्मीद है कि मौजूदा वित्त वर्ष में हम टैक्स कलेक्शन के मामले में ₹20,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेंगे।”

उन्होंने आगे बताया कि बिहार और झारखंड में लगभग 5.5 करोड़ PAN कार्ड धारक हैं, जिनमें से सिर्फ 40 लाख लोग ही अपना रिटर्न फाइल करते हैं। रिटर्न दाखिल करने वाले 40 लाख में झारखंड से 60% हैं, शेष 40% बिहार के हैं।

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Published By : Shashank Kumar

पब्लिश्ड 8 May 2026 at 12:00 IST