अपडेटेड 25 March 2026 at 17:38 IST

Ganga Jal: वाराणसी से गंगा जल लाना चाहिए या नहीं... जानिए क्यों माना जाता है अशुभ

Gangajal: काशी को साक्षात महादेव का स्थान है। इतना ही नहीं कहते हैं कि बनारस शिव जी के त्रिशूल पर टिकी है। यह स्थान बेहद पवित्र माना जाता है, लेकिन बनारस से गंगाजल लाना क्यों शुभ नहीं माना जाता है? आइए जानते हैं।

Ganga Jal | Image: Freepik

Ganga Jal: भारत की सांस्कृतिक राजधानी और बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी को मोक्ष की भूमि कहा जाता है। हिंदू धर्म में गंगाजल को परम पवित्र माना गया है, जिसे लोग हर शुभ कार्य में प्रयोग करते हैं। लेकिन, लोक मान्यताओं और पुराने जानकारों के बीच एक बहस अक्सर सुनने को मिलती है कि 'क्या बनारस से गंगाजल घर लाना अशुभ है?'
वैसे तो गंगा हर जगह पावन हैं, लेकिन बनारस के संदर्भ में कुछ विशेष वर्जनाएं जुड़ी हुई हैं। आइए इसके पीछे के गूढ़ कारणों को विस्तार से समझते हैं।

मोक्ष की नगरी और वैराग्य का भाव है 'बनारस'

बनारस को 'महाश्मशान' भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यहां भगवान शिव स्वयं तारक मंत्र देते हैं। यह स्थान जीवन के अंत और वैराग्य का प्रतीक है। धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि बनारस की ऊर्जा मुख्य रूप से 'निवृत्ति' यानी सांसारिक बंधनों को छोड़ने की है। घर एक 'प्रवृत्ति' का स्थान है। ऐसी मान्यता है कि महाश्मशान के क्षेत्र से लाई गई कोई भी वस्तु घर की शांति में वैराग्य का संचार कर सकती है, जो गृहस्थ जीवन के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती है।

'शव वाहिनी' गंगा का स्वरूप है बनारस 

बनारस के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर चौबीसों घंटे दाह संस्कार होते हैं। यहां पर गंगा उत्तर वाहिनी है, लेकिन वे सीधे श्मशान घाटों को स्पर्श करते हुए बहती है। पुराने बुजुर्गों का तर्क है कि यहां के जल में पितरों और मुक्त होने वाली आत्माओं का अंश होता है। शास्त्रों में श्मशान के स्पर्श वाले जल को पूजन कक्ष में रखने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि घर में हम 'देव शक्तियों' की पूजा करते हैं, न कि 'पितृ या प्रेत शक्तियों' की। इसलिए गंगाजल घर ले जाना शुभ नहीं माना जाता है। 

इतना ही नहीं, ऐसा कहा जाता है कि काशी विश्वनाथ की नगरी से कुछ भी बाहर ले जाना 'ऋण' लेने जैसा है। कहते हैं कि काशी की संपदा काशी में ही रहनी चाहिए। यहां तक कि भक्त यहां का कंकड़ भी बाहर ले डाने से डरते हैं।

ये भी पढ़ें - Kala Namak Rice: क्या है काला नमक चावल? जो देश में ₹300 तो विदेशों में ₹1500 प्रति किलो तक बिकता है, जानिए इसकी खासियत
 

 

 

 

 

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 25 March 2026 at 17:38 IST