अपडेटेड 8 February 2026 at 19:26 IST
Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा में इन नियमों का जरूर करें पालन, मिलेंगे शुभ परिणाम
Vijaya Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। अब ऐसे में इस दिन पूजा के दौरान कुछ नियम हैं, जिसका पालन करने से उत्तम परिणाम मिल सकते हैं। आइए जानते हैं।
Vijaya Ekadashi 2026: विजया एकादशी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली तिथियों में से एक है। यह एकादशी 'विजय' प्रदान करने वाली मानी गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए समुद्र किनारे इस व्रत को विधि-विधान से किया था।
साल 2026 में विजया एकादशी का पावन पर्व 12 फरवरी को मनाया जाएगा। यदि आप भी अपने कार्यों में सफलता और जीवन की बाधाओं से मुक्ति चाहते हैं, तो इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं।
विजया एकादशी के दिन शुद्धता का रखें दान
विजया एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा में शुद्धता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस दिन सूर्यास्त के बाद भोजन न करें और एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
विजया एकादशी के दिन तुलसी पूजन न करें
भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है, उनके भोग में तुलसी दल का होना अनिवार्य है। लेकिन याद रखें, एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें। इस दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना और शाम को घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विजया एकादशी के दिन न खाएं अन्न
शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है। मान्यता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से पुण्य का नाश होता है। यदि आप पूर्ण उपवास नहीं रख सकते, तो फलाहार ले सकते हैं, लेकिन अन्न और तामसिक भोजन से दूर रहें।
विजया एकादशी के दिन करें कलश स्थापना
इस एकादशी पर कलश स्थापना का विशेष महत्व है। एक वेदी बनाकर उस पर सप्तधान्य रखें और उस पर सोने, चांदी, तांबे या मिट्टी का कलश स्थापित करें। कलश के ऊपर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखकर षोडशोपचार विधि से पूजन करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 8 February 2026 at 19:26 IST