अपडेटेड 28 January 2026 at 20:50 IST

Diya Vastu Tips: शाम को जलाते हैं दीया? जान लें इससे जुड़े वास्तु नियम, भूल से भी की कई गलतियां बन सकती हैं दरिद्रता का कारण

Vastu Tips For Happy Life: दीया जलाना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि घर में शांति, सुख और समृद्धि बनाए रखने का एक तरीका है। अगर आप रोज शाम को दीया जलाते हैं, तो इन वास्तु नियमों का पालन जरूर करें।

दीया जलाने के वास्तु उपाय | Image: Social Media

Vastu Ke Upay In Hindi: हिंदू धर्म और भारतीय परंपरा में दीया जलाना शुभ माना जाता है। खासतौर पर शाम के समय घर में दीया जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिलता है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर दीया जलाते समय कुछ गलतियां हो जाएं, तो इसका असर घर की सुख-समृद्धि और धन से जुड़ी स्थिति पर पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं दीया जलाने से जुड़े वास्तु नियम और किन गलतियों से बचना जरूरी है।

हमेशा साफ दीया ही जलाएं

दीया जलाने से पहले यह ध्यान रखें कि दीया साफ हो। टूटे, चिपके या गंदे दीये में दीया जलाना अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है और आर्थिक परेशानी आ सकती है।

सही दिशा में जलाएं दीया

वास्तु के अनुसार, दीया जलाने की सबसे शुभ दिशा उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण मानी जाती है। इसके अलावा पूजा स्थान या मंदिर में दीया जलाना भी अच्छा रहता है। कभी भी दीया बाथरूम, सीढ़ियों या बेडरूम में न जलाएं।

शाम के समय ही जलाएं दीया

शाम को सूर्यास्त के बाद दीया जलाना सबसे शुभ माना जाता है। दिन में बुझा हुआ दीया दोबारा शाम को जलाने से बचें। अगर सुबह दीया जलाया है, तो शाम के लिए नया दीया जलाएं।

सही तेल या घी का करें इस्तेमाल

दीया जलाने के लिए घी सबसे उत्तम माना गया है। अगर घी उपलब्ध न हो, तो सरसों या तिल के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। बासी या बदबूदार तेल से दीया जलाना वास्तु दोष का कारण बन सकता है।

दीये की बाती सही हो

दीये की बाती हमेशा कॉटन की होनी चाहिए। बहुत मोटी या जली हुई पुरानी बाती का दोबारा इस्तेमाल न करें। यह आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकती है।

दीया जमीन पर न रखें

वास्तु के अनुसार, दीया सीधे जमीन पर रखना शुभ नहीं माना जाता। हमेशा किसी चौकी, स्टैंड या मंदिर में रखकर ही दीया जलाएं। जमीन पर दीया जलाने से धन हानि का योग बन सकता है।

बुझा हुआ दीया छोड़ना अशुभ

अगर दीया अपने आप बुझ जाए, तो उसे दोबारा जलाने से पहले दीया और बाती बदल लें। बार-बार बुझने वाला दीया अशुभ संकेत माना जाता है।

दीये को पैर से न बुझाएं

कभी भी दीये को पैर से नहीं बुझाना चाहिए। ऐसा करना देवी लक्ष्मी का अपमान माना जाता है और इससे दरिद्रता का योग बन सकता है।

रोज दीया जलाना देता है शुभ फल

अगर संभव हो, तो रोज शाम को एक दीया जरूर जलाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

दीया जलाना सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि घर में शांति, सुख और समृद्धि बनाए रखने का एक तरीका है। अगर आप रोज शाम को दीया जलाते हैं, तो इन वास्तु नियमों का पालन जरूर करें। छोटी-छोटी सावधानियां आपको आर्थिक तंगी और नकारात्मकता से बचा सकती हैं।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 28 January 2026 at 20:50 IST