अपडेटेड 28 January 2026 at 16:13 IST

Surya Grahan 2026: फरवरी में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, क्या भारत में दिखाई देगा रिंग ऑफ फायर या नहीं? जानें सूतक काल का समय

Solar Eclipse Timings: फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है, लेकिन भारत में इसके न दिखने की वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी ज्योतिषीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सावधानी और सकारात्मक सोच बनाए रखना बेहतर रहेगा।

सूर्य ग्रहण 2026 सूतक काल | Image: Freepik

Surya Grahan 2026 Sutak Kaal: सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे विज्ञान के साथ-साथ ज्योतिष में भी खास माना जाता है। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि को लगने जा रहा है। यह ग्रहण वलयाकार होगा, जिसे आम भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। तो चलिए जानते हैं कि यह सूर्य ग्रहण कब लगेगा, कहां दिखाई देगा, भारत में सूतक काल मान्य होगा या नहीं, और इसका राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

कब लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण 2026?

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 यानी मंगलवार को लगेगा। यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा।

भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण का समय क्या होगा?

  • आंशिक सूर्य ग्रहण की शुरुआत: शाम 3:26 बजे
  • वलयाकार चरण की शुरुआत: शाम 5:12 बजे
  • ग्रहण का चरम समय (पीक): शाम 5:42 बजे
  • ग्रहण की समाप्ति: शाम 7:57 बजे

क्या भारत में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’?

साल का पहला सूर्य ग्रहण यानी रिंग ऑफ फायर भारत में दिखाई नहीं देगा। यह वलयाकार सूर्य ग्रहण दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में देखा जा सकेगा, जैसे दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका के कुछ भाग, अटलांटिक महासागर, जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोजाम्बीक, मॉरीशस, तंजानिया, अंटार्कटिका और कुछ दक्षिण अमेरिकी देश में नजर आएगा।

सूर्य ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा या नहीं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य ग्रहण से लगभग 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इसके अलावा पूजा-पाठ और शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। लेकिन क्योंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा। यानी रोजमर्रा के धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकते हैं।

सूर्य ग्रहण 2026 का राशियों पर प्रभाव क्या होगा?

हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, लेकिन ज्योतिष के अनुसार सूर्य और राहु की युति से बना ग्रहण योग सभी 12 राशियों को किसी न किसी रूप में प्रभावित कर सकता है।

विशेष रूप से सिंह, कुंभ, मकर और वृश्चिक राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत होगी  इन राशियों के जातकों को मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, सेहत में उतार-चढ़ाव और पैसों से जुड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

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17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है, लेकिन भारत में इसके न दिखने की वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी ज्योतिषीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सावधानी और सकारात्मक सोच बनाए रखना बेहतर रहेगा।

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 28 January 2026 at 16:13 IST