अपडेटेड 21 March 2026 at 22:45 IST

Surya dev Puja Niyam: रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जानें सही नियम

Surya dev Puja Niyam: हिंदू धर्म में रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता सूर्य नारायण को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से सूर्य देव की उपासना करने से सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। लेकिन, इनकी पूजा के कुछ विशेष नियम हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Surya dev Puja Niyam | Image: freepik

Surya dev Puja Niyam: हिंदू धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है, क्योंकि वे हमें साक्षात दर्शन देते हैं और पूरी सृष्टि के ऊर्जा के स्रोत हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को 'ग्रहों का राजा' और 'आत्मा' का कारक माना जाता है। वैसे तो सूर्य उपासना प्रतिदिन फलदायी होती है, लेकिन रविवार का दिन भगवान भास्कर को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से मान-सम्मान, आरोग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 

अगर आप भी सूर्यदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि सूर्यदेव की पूजा में किन बातों का ध्यान रखना है?

ब्रह्म मुहूर्त में उठना और स्नान  

सूर्य देव की कृपा पाने के लिए रविवार के दिन सूर्योदय से पहले उठना सबसे उत्तम माना जाता है। स्नान के जल में थोड़ा गंगाजल या लाल चंदन मिलाकर स्नान करना शुभ होता है।

सूर्यदेव को अर्घ्य देने का सही तरीका  

जल अर्पित करने के लिए हमेशा तांबे के लोटे का उपयोग करें। जल में कुमकुम, अक्षत और लाल फूल जरूर डालें। अर्घ्य देते समय दोनों हाथों से लोटे को पकड़ें और उसे सिर के ऊपर ले जाकर जल की धारा छोड़ें। ध्यान रहे कि जल की गिरती धारा के बीच से सूर्य देव के दर्शन करें।

सूर्यदेव को अर्घ्य देने में सही दिशा और स्थान का रखें ध्यान 

अर्घ्य देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। यदि किसी कारणवश सूर्य दिखाई न दें, तो भी पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करें। कोशिश करें कि जल पैरों पर न गिरे; इसके लिए आप नीचे कोई गमला या बर्तन रख सकते हैं।

सूर्यदेव की पूजा में जरूर करें मंत्रोच्चार 

जल देते समय 'ऊं सूर्याय नम:' या 'ऊं घृणि सूर्याय नम:' का जाप करें। इसके अलावा, रविवार को आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए अचूक माना जाता है।

रविवार के दिन भूलकर भी न करें ये काम

रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा के दौरान  भोजन में नमक का प्रयोग न करें। इस दिन बिना नमक का दलिया या दूध से बनी चीजें खाना शुभ होता है।
रविवार के दिन मांस मदिरा, लहसुन और प्याज के सेवन से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।
सूर्य देव के उदय होने के बाद तक सोते रहना कुंडली में सूर्य को कमजोर करता है और दरिद्रता लाता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 21 March 2026 at 22:45 IST