अपडेटेड 17 January 2026 at 14:57 IST
Surya dev Arghya: रविवार के दिन सूर्य को इन चीजों से दें अर्घ्य, मिलेगी सुख-शांति और समृद्धि
Surya dev Arghya: रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने के लिए कई चीजों के बारे में बताया गया है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
Surya dev Arghya: सनातन धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे न केवल ब्रह्मांड को प्रकाश देते हैं, बल्कि समस्त जीव जगत की ऊर्जा का स्रोत भी हैं। शास्त्रों के अनुसार, रविवार का दिन भगवान भास्कर को समर्पित है। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से या विशेषकर रविवार के दिन सूर्य देव को अर्घ्य देता है, तो उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि जल में कुछ विशेष चीजें मिलाकर अर्घ्य देने से आपकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण हो सकती हैं? आइए जानते हैं रविवार के दिन सूर्य देव को प्रसन्न करने की सही विधि और उन चीजों के बारे में जिनसे आपको अर्घ्य देना चाहिए।
सूर्यदेव को दूध से दें अर्घ्य
हिंदू धर्म में सूर्य देव को अर्घ्य देना बहुत ही शुभ और ऊर्जावान माना जाता है। वैसे तो आमतौर पर सूर्य को जल का अर्घ्य दिया जाता है, लेकिन विशेष मनोकामनाओं के लिए दूध मिश्रित जल से अर्घ्य देने का भी विधान है। ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, उन्हें नियमित रूप से सूर्य को दूध मिश्रित जल अर्पित करना चाहिए।
सूर्यदेव को जल में शहद मिलाकर दें अर्घ्य
शहद मिठास का प्रतीक है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य को शहद मिलाकर जल देने से व्यक्ति की वाणी में सौम्यता आती है। धार्मिक मान्यता है कि इससे शरीर की ऊर्जा बढ़ती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार होता है। यदि किसी की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में है, तो शहद मिलाकर अर्घ्य देना दोषों को शांत करने में सहायक माना जाता है।
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सूर्यदेव को जल में काला तिल मिलाकर दें अर्घ्य
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य और शनि पिता-पुत्र हैं। जल में तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देने से शनि की साढ़ेसाती और ढैया के अशुभ प्रभावों में कमी आती है। काले तिल का संबंध पितरों से होता है। यह अर्घ्य पितरों को तृप्त करता है और परिवार पर उनका आशीर्वाद बनाए रखता है। सूर्य को जल देने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
सूर्यदेव को जल में अक्षत मिलाकर दें अर्घ्य
सूर्यदेव को अर्घ्य देना हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। आपने बिल्कुल सही कहा, जल में अक्षत मिलाकर अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। अक्षत को 'पूर्णता' का प्रतीक माना जाता है। जब हम सूर्य को अक्षत मिश्रित जल अर्पित करते हैं, तो इससे जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 17 January 2026 at 14:57 IST