Shardiya Navratri 2026 Puja Samagri: कलश स्थापना से कन्या पूजन तक, यहां देखें पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

शारदीय नवरात्रि का आंरभ अब जल्द ही होने जा रहा है। अब ऐसे में घटस्थापना, मां दुर्गा की पूजा, हवन, कन्या पूजन के साथ-साथ अखंड ज्योति के लिए सामग्री की पूरी लिस्ट एक बार जरूर पढ़ें।

Shardiya Navratri 2026 Puja Samagri: कलश स्थापना से कन्या पूजन तक, यहां देखें पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट | Image: Meta AI

शारदीय नवरात्रि जिसका आरंभ 11 अक्टूबर से होने जा रहा है और इसका समापन 20 अक्टूबर को होगा। मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का एक परम पवित्र पर्व है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

यदि आप भी इस साल व्रत रखकर मां शक्ति की कृपा पाना चाहते हैं, तो घटस्थापना से लेकर कन्या पूजन तक की संपूर्ण सामग्री सूची और विधि की पूर्व तैयारी अति आवश्यक है।

कलश स्थापना के लिए सामग्री

कलश स्थापना नवरात्रि का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इसके लिए निम्नलिखित सामग्री जानें। 
सप्तधान्य - जौ उगाने के लिए स्वच्छ मिट्टी, जौ के बीज, शुद्ध जल और गंगाजल।
कलश एवं वस्त्र- मिट्टी, पीतल या तांबे का कलश, उसे ढकने के लिए छोटी कटोरी (जिसमें रखने के लिए अनाज/अक्षत) और एक जटाधारी नारियल।
वस्त्र- लाल चुनरी या लाल कपड़ा, मौली (लावा), आम के पत्ते।
पूजन सामग्रियां- रोली, कुमकुम, सिंदूर, हल्दी, अछत (साबुत चावल), एक सिक्का और सुपारी।

मां दुर्गा की मुख्य पूजन सामग्री जानें 

प्रतिदिन की पूजा और मां के श्रृंगार के लिए आवश्यक सामग्री जानें। 
आसन एवं प्रतिमा- मां दुर्गा की मूर्ति/तस्वीर, लकड़ी की चौकी और उस पर बिछाने हेतु लाल वस्त्र।
श्रृंगार एवं धूप-दीप- रोली, कुमकुम, सिंदूर, अक्षत, ताजा फूल और फूलों की माला। दीपक (घी या तेल), शुद्ध घी, धूप, अगरबत्ती, कपूर और दक्षिण।
भोग व प्रसाद- फल, मिठाई, पंचमेवा, बताशे, नैवेद्य (घर का बना भोग), पान, सुपारी, लौंग, छोटी इलायची, जायफल और जावित्री।
विशेष सामग्री- कमलगट्टा और सोलह श्रृंगार सामग्री (चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, चुनरी आदि)।

अखंड ज्योति और हवन सामग्री के बारे में जानें 

यदि आप नौ दिनों के लिए अखंड ज्योति प्रज्वलित कर रहे हैं या अष्टमी/नवमी को हवन कर रहे हैं तो यह जरूर पढ़ें। 
अखंड ज्योति- बड़ा दीपक (अखंड दियौ), लंबी रुई की बत्ती या कलावे की बाती, पर्याप्त मात्रा में शुद्ध घी या तेल।
हवन कुंड व समिधा- हवन कुंड, हवन सामग्री, आम की लकड़ी, कपूर और नवग्रह शांति के लिए निर्धारित विशेष लकड़ियां व सामग्री।

कन्या पूजन सामग्री के बारे में जानें 

व्रत के समापन पर कन्याओं के पूजन के लिए सामग्री जानें। 
पूजन वस्त्र व तिलक- रोली, कुमकुम, अक्षत, फूल और मौली।
उपहार व महाप्रसाद- ताजे फल, मिठाई, विशेष रूप से तैयार हलवा-पूरी और चना प्रसाद।
दक्षिणा- कन्याओं को देने के लिए श्रद्धा अनुसार भेंट या दक्षिणा।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 9 October 2026 at 16:08 IST