अपडेटेड 7 March 2026 at 16:05 IST
Rang Panchami 2026: 8 या 9 मार्च... कब मनाई जाएगी रंग पंचमी? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Rang Panchami 2026 Date: रंग पंचमी के उत्सव से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही, वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है। इसके अलावा जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है।
Rang Panchami 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में रंग पंचमी का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व होली के कुछ दिनों बाद मनाया जाता है और इसे रंगों के उत्सव का अंतिम चरण भी कहा जाता है। खासकर ब्रज क्षेत्र में लगभग 40 दिनों तक चलने वाला होली का उत्सव रंग पंचमी के साथ समाप्त होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन देवी-देवता स्वयं पृथ्वी पर आकर भक्तों के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं। इसलिए इस दिन रंग खेलना, पूजा करना और उत्सव मनाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि रंग पंचमी पर भगवान की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
रंग पंचमी 2026 कब है? (Rang Panchami 2026 Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी मनाई जाती है। पंचमी तिथि की शुरुआत 07 मार्च 2026, शाम 7:17 बजे से लेकर अगले दिन पंचमी तिथि का समापन 08 मार्च 2026, रात 9:10 बजे को होगा। इसलिए साल 2026 में रंग पंचमी 08 मार्च को मनाई जाएगी।
रंग पंचमी 2026 पूजा विधि
रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण, राधारानी और मां लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता है।
पूजा करने की आसान विधि:
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनें।
- एक लकड़ी की चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
- चौकी पर राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- पास में एक कलश रखें और उस पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
- कलश में स्वच्छ जल भरकर उसके ऊपर थोड़ा अनाज रखें।
- भगवान राधा-कृष्ण को पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराएं।
- इसके बाद उन्हें नए वस्त्र, फूल और माला अर्पित करें।
- भगवान को गुलाल, पीला चंदन और अक्षत चढ़ाएं।
- मिठाई या प्रसाद का भोग लगाएं।
- घी का दीपक और धूप जलाकर मंत्रों का जाप करें।
- अंत में राधा-कृष्ण की आरती करें और भगवान से क्षमा याचना करें।
रंग पंचमी के मंत्र
रंग पंचमी के दिन इन मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है।
श्री कृष्ण मंत्र
- ॐ क्लीं कृष्णाय नमः
- ॐ श्री कृष्णाय नमः
राधा-कृष्ण मंत्र
“ॐ ऐं ह्रीं श्रीं नमो भगवते राधाप्रियाय राधारमणाय गोपीजनवल्लभाय ममाभीष्टं पूरय पूरय हुं फट् स्वाहा”
प्रार्थना मंत्र
- “देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।
- देहिमे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥”
लक्ष्मी नारायण मंत्र
“ॐ श्री लक्ष्मी-नारायणाय नमः”
रंग पंचमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रंग पंचमी को होली का अंतिम पर्व माना जाता है। इस दिन रंगों के माध्यम से प्रकृति के पंचतत्वों को संतुलित करने की परंपरा भी बताई जाती है।
ऐसा कहा जाता है कि रंग पंचमी के उत्सव से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही, वातावरण में सकारात्मकता बढ़ती है। इसके अलावा जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है। इसी वजह से इस दिन लोग भगवान की पूजा करने के साथ-साथ रंगों के साथ उत्सव भी मनाते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 7 March 2026 at 16:05 IST