अपडेटेड 25 September 2025 at 08:16 IST

Maa Kushmanda Chalisa: आज मां कुष्मांडा की पूजा करने के दौरान करें इस चालीसा का पाठ, आर्थिक तंगी से मिल सकता है छुटकारा

Maa Kushmanda Chalisa: हिंदू धर्म में मां मां कुष्मांडा नौ दुर्गा के चौथे रूप को दर्शाती हैं। अब ऐसे में अगर आपकी इनका पूजा कर रहे हैं तो इनका चालीसा का पाठ विधिवत रूप से करने का विधान है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Maa Kushmanda Chalisa | Image: Freepik

Maa Kushmanda Chalisa: सनातन धर्म में मां कुष्मांडा की पूजा करने से व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है और मानसिक शांति मिलती है। ऐसा माना जाता है कि देवी कूष्मांडा का निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है। वह सूर्य की ऊर्जा और तेज की स्रोत हैं, जिनके प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित होती हैं। वे सूर्य को भी शक्ति प्रदान करती हैं। 

आपको बता दें, ज्योतिष में मां कूष्मांडा का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है, इसलिए उनकी पूजा से बुद्धि और एकाग्रता में भी वृद्धि होती है। अब ऐसे में अगर मां कुष्मांडा की पूजा कर रहे हैं तो उनका चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।

आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।

मां कुष्मांडा की चालीसा का करें पाठ

॥दोहा॥

माता कुष्मांडा की जय, करुणा की सागर।

सुख-सम्पत्ति देने वाली, जय माँ, जय अंबर॥

॥चालीसा॥

जयति जयति जगत की माता।

कुष्मांडा देवी सुखदायी भ्राता॥

शुम्भ-निशुम्भ हरणी माता।

भक्तों की विपदा हरणी भ्राता॥

कुश (कुमार) मंद हर्ष से भरी।

चारों ओर कृपा की झरी॥

हंस पर सवार हे माता।

कृपा का अविरल बहाता॥

कुम्भ करों में जल से भरे।

धन-धान्य से भरे सारे घर॥

आभा से दीप्त हे माता।

भक्तों के संकट मिटाता॥

चतुर्थी तिथि शुभ कहलाती।

व्रत रखने से सब सफल होती॥

मंत्र का जप करों हे प्यारे।

जीवन सुखी हो जाए सारे॥

अंत में सुन लो अरज हमारी।

जीवन सवारे भवसागर से॥

जय माता कुष्मांडा भवानी।

कृपा करो हे जगत की रानी॥

॥ इति श्री कुष्मांडा चालीसा सम्पूर्ण ॥

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मां कुष्मांडा की चालीसा का पाठ करने के नियम

  • चालीसा का पाठ एकाग्र मन और श्रद्धा भाव से करें।
  • आप समय के अनुसार इसे 1, 3, 5, 7, 11 या 40 बार भी पाठ कर सकते हैं।
  • इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पाठ के लिए कुश या ऊनी आसन पर बैठें। नवरात्रि के चौथे दिन हरे रंग के आसन का प्रयोग शुभ माना जाता है।
  • मां कुष्मांडा को हरे रंग के वस्त्र जरूर चढ़ाएं।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 25 September 2025 at 08:16 IST