Grah Dosh Nivaran: ग्रह दोष से हैं परेशान? जानें किस ग्रह के लिए कौन सा रत्न, मंत्र और दान है सबसे ज्यादा असरदार

Grah Dosh Nivaran: भारतीय ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों का हमारे जीवन के सुख-दुख, स्वास्थ्य और सफलता पर गहरा प्रभाव माना जाता है। यदि कुंडली में कोई ग्रह प्रतिकूल स्थिति में हो, तो उसे संतुलित करने के लिए रत्न, मंत्र और दान की त्रिमूर्ति का विशेष महत्व है।

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Grah Dosh Nivaran: भारतीय ज्योतिष में नवग्रहों का विशेष महत्व है। माना जाता है कि आकाशमंडल में घूमते ये ग्रह अपनी रश्मियों से हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करते हैं। जब कोई ग्रह कुंडली में कमजोर या पीड़ित होता है, तो व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक या आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है! शास्त्रों में रत्न, मंत्र और दान के माध्यम से इन ग्रहों को शांत और मजबूत करने के प्रभावी उपाय बताए गए हैं।

आइए जानते हैं कि आप अपनी राशि और ग्रहों के अनुसार क्या विशेष उपाय कर सकते हैं।

सूर्य है आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक

सूर्य को ग्रहों का राजा माना जाता है। यदि आपका सूर्य मजबूत है, तो समाज में मान-सम्मान और सरकारी कार्यों में सफलता निश्चित है।

  • रत्न: माणिक्य (Ruby)
  • मंत्र: ॐ घृणि: सूर्याय नमः (7000 जाप)
  • दान: गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और लाल चंदन।
  • प्रमुख लाभ: आत्मविश्वास में वृद्धि और करियर में उच्च पद की प्राप्ति।

चंद्र है मन की शांति का कारक

चंद्रमा मन और माता का कारक है। इसकी शुभता से मानसिक स्थिरता बनी रहती है।

  • रत्न: मोती (Pearl)
  • मंत्र: ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः (12500 जाप)
  • दान: चावल, चीनी और सफेद वस्त्र।
  • प्रमुख लाभ: तनाव से मुक्ति और भावनात्मक संतुलन।

मंगल है साहस और पराक्रम का स्वामी

मंगल ऊर्जा का प्रतीक है। भूमि-भवन से जुड़े मामलों में मंगल की कृपा अनिवार्य है।

  • रत्न: मूंगा (Red Coral)
  • मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः (10000 जाप)
  • दान: मसूर दाल, गुड़ और लाल फूल।
  • प्रमुख लाभ: साहस में वृद्धि और संपत्ति संबंधी लाभ।

बुध है बुद्धि और व्यापार का मार्गदर्शक

बुध ग्रह हमारी संवाद शैली और व्यापारिक बुद्धि को नियंत्रित करता है।

  • रत्न: पन्ना (Emerald)
  • मंत्र: ॐ बुं बुधाय नमः (10000 जाप)
  • दान: हरा वस्त्र, मूंग की दाल और ताजे फल।
  • प्रमुख लाभ: प्रखर बुद्धि और व्यापार में उन्नति।

गुरु है ज्ञान और सौभाग्य का दाता

देवगुरु बृहस्पति की कृपा से वैवाहिक सुख और धन की प्राप्ति होती है।

  • रत्न: पुखराज (Yellow Sapphire)
  • मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः (19000 जाप)
  • दान: पीला वस्त्र, हल्दी और केला।
  • प्रमुख लाभ: आध्यात्मिक ज्ञान और सुखद वैवाहिक जीवन।

शुक्र है ऐश्वर्य और वैभव का स्वामी

शुक्र ग्रह भौतिक सुख-सुविधाओं और प्रेम का कारक है।

  • रत्न: हीरा (Diamond)
  • मंत्र: ॐ शुं शुक्राय नमः (16000 जाप)
  • दान: दही, चावल और सफेद रेशमी वस्त्र।
  • प्रमुख लाभ: सुख-सुविधाओं और ग्लैमर की प्राप्ति।

शनि है न्याय और कर्म के देवता

शनि देव हमारे कर्मों के अनुसार फल देते हैं। इन्हें शांत रखने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

  • रत्न: नीलम (Blue Sapphire)
  • मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः (23000 जाप)
  • दान: तिल, लोहे की वस्तुएं और काला वस्त्र।
  • प्रमुख लाभ: कार्यों में आने वाली रुकावटों से मुक्ति।

राहु है आकस्मिक लाभ का कारक

राहु को छाया ग्रह माना जाता है, जो राजनीति और कूटनीति में सफलता दिलाता है।

  • रत्न: गोमेद (Hessonite)
  • मंत्र: ॐ रां राहवे नमः (18000 जाप)
  • दान: नीला वस्त्र, काले तिल और सरसों का तेल।
  • प्रमुख लाभ: अचानक धन लाभ और राजनीति में विजय।

केतु है आध्यात्मिकता की सीढ़ी

केतु व्यक्ति को मोक्ष और आध्यात्मिक गहराई की ओर ले जाता है।

  • रत्न: लहसुनिया (Cat’s Eye)
  • मंत्र: ॐ कें केतवे नमः (17000 जाप)
  • दान: कंबल, तिल और लोहे के बर्तन।
  • प्रमुख लाभ: नकारात्मक ऊर्जा से बचाव और मानसिक स्पष्टता।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 31 March 2026 at 18:00 IST