अपडेटेड 17 January 2026 at 08:15 IST
Mauni Amavasya 2026 Upay: मौनी अमावस्या के दिन जरूर करें ये खास उपाय, पितरों से मिलेगा आशीर्वाद और घर-परिवार में आएगी सुख-समृद्धि
Mauni Amavasya 2026 Kab Hai: मौनी अमावस्या 2026 पितरों की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन मौन, स्नान, दान और पितृ पूजन करने से न केवल पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि घर-परिवार में शांति और खुशहाली भी आती है।
Mauni Amavasya 2026 Astro Remedies: मौनी अमावस्या 2026 हिंदू धर्म में एक बहुत ही पवित्र और फलदायी दिन माना जाता है। यह पर्व माघ महीने की अमावस्या को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत, स्नान, दान और पितरों की पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन की कई समस्याओं से राहत मिलती है। तो चलिए जानते हैं कौन से हैं वो खास उपाय?
कब है मौनी अमावस्या 2026?
द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को सुबह 12:03 बजे से लेकर अगले दिन 19 जनवरी 2026 सुबह 1:21 बजे रहेगा। ऐसे में मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।
मौनी अमावस्या का महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत रखने और गंगा स्नान करने से विशेष पुण्य मिलता है। यह दिन पितृ दोष को शांत करने के लिए भी सबसे उत्तम माना गया है। प्रसिद्ध पंडित केपी शुक्ल के अनुसार, अगर जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हों, घर में कलह रहती हो या काम बनते-बनते बिगड़ जाते हों, तो इस दिन किए गए उपाय बहुत लाभकारी साबित हो सकते हैं।
मौनी अमावस्या 2026 के उपाय
मौनी अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष के प्रभाव कम होते हैं। एक लोटे में जल और काले तिल लें और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करें। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पीपल की पूजा और परिक्रमा
मान्यता है कि अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष में पितरों का वास होता है। जल में काले तिल मिलाकर पीपल को अर्पित करें। इसके बाद 108 बार पीपल की परिक्रमा करें। यह उपाय पितृ शांति के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
दान जरूर करें
मौनी अमावस्या पर किया गया दान कई गुना फल देता है। इस दिन तिल, कंबल, अनाज और गर्म कपड़े अपने सामर्थ्य के अनुसार इन चीजों का दान करें।
दीपदान करें
शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर और दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी और पितर दोनों प्रसन्न होते हैं।
चींटियों को आटा डालें
पितृ शांति के लिए मौनी अमावस्या के दिन चीनी मिला हुआ आटा चींटियों को डालें। यह उपाय सरल है लेकिन बहुत प्रभावशाली माना जाता है।
पितृ दोष निवारण के लिए पितृ कवच का पाठ करें
मौनी अमावस्या के दिन पितृ कवच का पाठ करने से सभी प्रकार के पितृ दोष शांत होते हैं। पूर्ण श्रद्धा और मन की शांति के साथ पाठ करें।
पितृ कवच मंत्र:
कृणुष्व पाजः प्रसितिम् न पृथ्वीम् याही राजेव अमवान् इभेन ।
तृष्वीम् अनु प्रसितिम् द्रूणानो अस्ता असि विध्य रक्षसः तपिष्ठैः ॥
मौनी अमावस्या 2026 पितरों की कृपा पाने और जीवन में सुख-समृद्धि लाने का श्रेष्ठ अवसर है। इस दिन मौन, स्नान, दान और पितृ पूजन करने से न केवल पितृ दोष से मुक्ति मिलती है, बल्कि घर-परिवार में शांति और खुशहाली भी आती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 17 January 2026 at 08:15 IST