अपडेटेड 2 January 2026 at 22:18 IST

Magh Mela 2026: कल से शुरू है माघ मेला, जानें स्नान के लिए कौन-कौन से दिन हैं सबसे शुभ; नोट कर लें तारीखें

माघ मेला 2026 आस्था और आध्यात्म का महापर्व है। इस दौरान यदि आप संगम स्नान की योजना बना रहे हैं, तो बताई गई मुख्य स्नान तिथियां और शुभ समय जरूर नोट कर लें। श्रद्धा और नियम के साथ किया गया संगम स्नान जीवन को नई ऊर्जा और पुण्य से भर देता है।

माघ मेला 2026 | Image: Freepik

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास को सबसे पवित्र और पुण्य देने वाला महीना माना जाता है। इस महीने में किया गया स्नान, दान, जप और तप व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक फल प्रदान करता है। इसी कारण हर साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है।

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम पर लगने वाला यह मेला आस्था, श्रद्धा और साधना का अद्भुत संगम होता है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान करने के लिए यहां पहुंचते हैं।

माघ मेला 2026 कब से कब तक?

साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पूरे माघ मास के दौरान संगम में स्नान करना शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ तिथियां ऐसी होती हैं, जिनका धार्मिक महत्व बहुत अधिक होता है।

माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां

माघ मेले में कुल 6 मुख्य स्नान पर्व पड़ रहे हैं। ये दिन स्नान-दान के लिए सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं:

  • पौष पूर्णिमा - 3 जनवरी 2026
  • मकर संक्रांति - 14 जनवरी 2026
  • मौनी अमावस्या - 18 जनवरी 2026
  • बसंत पंचमी - 23 जनवरी 2026
  • माघी पूर्णिमा - 1 फरवरी 2026
  • महाशिवरात्रि -15 फरवरी 2026

इन दिनों संगम पर विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और भारी संख्या में श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाते हैं।

मौनी अमावस्या का खास महत्व

माघ मेले का सबसे प्रमुख और पुण्यदायी स्नान मौनी अमावस्या के दिन माना जाता है। इस दिन संगम तट पर सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। धार्मिक मान्यता है कि मौन रहकर किया गया स्नान पापों का नाश करता है और मन को शांति भी है। साथ ही, मोक्ष की राह आसान करता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या 18 जनवरी को पड़ेगी।

स्नान के लिए शुभ मुहूर्त

हिंदू धर्म में धार्मिक स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को सबसे उत्तम समय माना गया है। ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा। इस समय संगम में स्नान करने से स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि संभव हो तो इसी समय पवित्र डुबकी लगाएं।

माघ मेले में स्नान का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि माघ मास में त्रिवेणी संगम में स्नान करने सेअक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे पापों से मुक्ति मिलती है और आत्मिक शुद्धि होती है। इसके अलावा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

माघ मेला 2026 आस्था और आध्यात्म का महापर्व है, जो 3 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा। यदि आप संगम स्नान की योजना बना रहे हैं, तो बताई गई मुख्य स्नान तिथियां और शुभ समय जरूर नोट कर लें। श्रद्धा और नियम के साथ किया गया संगम स्नान जीवन को नई ऊर्जा और पुण्य से भर देता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 2 January 2026 at 22:18 IST