Lord Hanuman Puja Niyam: मंगलवार के दिन हनुमान जी चोला और सिंदूर चढ़ाते इन बातों का रखें खास ध्यान, जानें सही नियम

Lord Hanuman Puja Niyam: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन पवनपुत्र की पूजा करने से व्यक्ति को सभी दोषों से छुटकारा मिल जाता है। अब ऐसे में अगर आप बजरंगबली को चोला और सिंदूर चढ़ाते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं।

Lord Hanuman Puja Niyam | Image: Meta AI

Lord Hanuman Puja Niyam: सनातन धर्म में मंगलवार का दिन शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक हनुमान जी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि कलयुग में हनुमान जी ही एक ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तों की पुकार सुनकर तुरंत दौड़े चले आते हैं। बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई उपाय करते हैं, जिनमें 'चोला चढ़ाना' सबसे उत्तम माना गया है। अक्सर भक्त बजरंगबली को चोला चढ़ाते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ नियमों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं मंगलवार के दिन हनुमान जी को चोला और सिंदूर चढ़ाने के सही नियम और सावधानियां क्या बरतनी है?

चोला चढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान

चोला चढ़ाने से पहले स्नान कर लाल रंग का वस्त्र पहनें। 
हनुमान जी को कभी भी सूखा सिंदूर न लगाएं। सिंदूर में हमेशा चमेली का तेल ही मिलाएं। 
मंगलवार को हनुमान जी की विशेष सेवा करने वाले साधक को उस दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और तामसिक भोजन करने से बचें। 
चोला चढ़ाते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। यह दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं।
शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए महिलाएं हनुमान जी को चोला नहीं चढ़ाती हैं। वे केवल दीप दान या पुष्प अर्पित कर सकती हैं।

हनुमान जी को लोचा चढ़ाने की विधि क्या है? 

सबसे पहले हनुमान जी की प्रतिमा को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं।
एक चांदी के या मिट्टी के पात्र में चमेली का तेल और सिंदूर मिलाकर पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को हनुमान जी के चरणों से शुरू करते हुए ऊपर की ओर लगाएं। 
चोला चढ़ाने के बाद प्रतिमा पर चांदी का वर्क लगाएं।
अंत में जनेऊ, लाल वस्त्र और चमेली के फूल अर्पित करें।
हनुमान जी को बनारसी पान, बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

हनुमान जी को चोला चढ़ाने का महत्व 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब हनुमान जी ने माता सीता को अपनी मांग में सिंदूर भरते देखा और इसका कारण पूछा, तो माता ने बताया कि यह भगवान राम की लंबी आयु के लिए है। प्रभु श्री राम के प्रति अपनी अटूट भक्ति दिखाने के लिए हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। तभी से उन्हें सिंदूर और चोला चढ़ाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इससे न केवल ग्रह दोष शांत होते हैं, बल्कि जीवन के सभी कष्टों से छुटकारा मिल जाता है। 

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 13 April 2026 at 14:42 IST