अपडेटेड 7 February 2026 at 23:18 IST
Surya Dev Puja Niyam: सूर्यदेव की पूजा करने के दौरान इन नियमों का जरूर करें पालन, वरना बिगड़ सकते हैं काम
Surya Dev Puja Niyam: रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। इस दिन सूर्यदेवता की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही समस्याएं दूर हो सकती है और बिगड़े काम बनने लग जाते हैं। आइए इस लेख में सूर्यदेव की पूजा के नियम के बारे में जानते हैं।
Surya Dev Puja Niyam: हिंदू धर्म में सूर्यदेव को 'प्रत्यक्ष देवता' माना गया है, यानी वो देवता जिन्हें हम साक्षात देख सकते हैं। सूर्य न केवल ब्रह्मांड को प्रकाश देते हैं, बल्कि वे आरोग्य, सफलता और आत्मविश्वास के कारक भी हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य मजबूत हो, तो उसे समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
अक्सर लोग सुबह उठकर सूर्य को जल तो अर्पित करते हैं, लेकिन अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं सूर्यदेव की पूजा के वे नियम, जिनका पालन करना जरूरी है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
सूर्यदेव को ऊषा अर्घ्य दें
सूर्यदेव को जल अर्पित करने का सबसे उपयुक्त समय सूर्योदय का होता है। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य की लालिमा दिखने के दौरान जल देना सबसे अधिक फलदायी माना गया है। यदि आप बहुत देर से सोकर उठते हैं और तेज धूप में जल देते हैं, तो उसका आध्यात्मिक लाभ कम हो जाता है।
तांबे के लोटे से ही सूर्यदेव को दें अर्घ्य
सूर्यदेव को जल देने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना अनिवार्य है। तांबा सूर्य की धातु मानी जाती है। भूलकर भी प्लास्टिक, कांच या लोहे के बर्तनों का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे पूजा खंडित मानी जाती है और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
जल अर्पित करने की सही विधि
जल देते समय लोटे को दोनों हाथों से पकड़ें और अपने सीने के सामने रखें। ध्यान रहे कि जल की धारा के बीच से सूर्यदेव के दर्शन करें। जल गिराते समय पैर पर छींटे न पड़ें, इसके लिए आप नीचे किसी गमले या पात्र को रख सकते हैं। बाद में उस जल को किसी पौधे में डाल दें।
सूर्यदेव को अर्घ्य देने के दौरान करें मंत्रोच्चार
बिना मंत्र के की गई पूजा अधूरी मानी जाती है। जल देते समय आप सरल मंत्र ऊं सूर्याय नमः का जाप कर सकते हैं। इसके अलावा सूर्य के 12 नामों का स्मरण करना भी जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।
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सूर्यदेव की पूजा में स्वच्छता का दें ध्यान
सूर्यदेव को हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही जल देना चाहिए। यदि किसी कारणवश बादल हों और सूर्य न दिख रहे हों, तो भी पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल अर्पित करें। पूजा के समय साफ-सुथरे वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
रविवार को खास इस चीज की बरतें सावधानी
रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित है। इस दिन विशेष रूप से नमक का सेवन कम करना चाहिए या संभव हो तो एक समय बिना नमक का भोजन करना चाहिए। इस दिन मांस-मदिरा का सेवन करने से सूर्य दोष लगता है, जिससे बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं।]
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Kunal Verma
पब्लिश्ड 7 February 2026 at 23:18 IST