बंटता है चूहों का जूठा प्रसाद... क्या है करणी माता मंदिर की मान्यताएं? जहां PM मोदी ने की पूजा-अर्चना
What is special about Karni Mata Temple? करणी माता मंदिर की क्या खासियत है? करणी माता मंदिर बीकानेर का क्या महत्व है? जानते हैं इस लेख के माध्यम से...
Why is Karni Mata important? 22 मई 2025 को राजस्थान के बीकानेर जिले के दौरे के लिए पीएम नरेंद्र मोदी नाल एयरबेस पर पहुंचें। इसके साथ ही उन्होंने बीकानेर में देशनोक के करणी माता मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया और देशवासियों की सुख-समृद्धि, आरोग्य और कल्याण की कामना की। बता दें कि करणी माता मां दुर्गा का ही एक रूप हैं। वहीं इन्हें जोधपुर और बीकानेर के राजपरिवारों इन्हें कुलदेवी के रूप में पूजते हैं। ऐसे में इस मंदिर की क्या महिमा है, इसके बारे में पता होना जरूरी है।
आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि करणी माता मंदिर की क्या मान्याताएं हैं। पढ़ते हैं आगे…
करणी माता मंदिर की महिमा
ये मंदिर चूहे वाले मंदिर के नाम से भी देश और दुनिया में प्रसिद्ध है। लगभग साढ़े छह सौ साल पहले जिस स्थान पर यह मंदिर स्थित है, वहां एक गुफा में मां अपने इष्ट देव की पूजा अर्चना करती थीं। इस गुफा को आज भी मंदिर परिसर में देखा जा सकता है। बता दें कि जब मां ज्योर्तिलीन हुई तो उनकी इच्छा के अनुसार उनकी मूर्ति को इस गुफा में स्थापित किया गया। ऐसी मान्यता है कि यदि किसी श्रद्धालु को सफेद चूहे के दर्शन होते हैं, तो ये बहुत शुभ माना जाता है। वहीं सुबह पांच बजे मंगला आरती होती है, जिसमें चूहों का जुलूस देखने लायक होता है। मान्यता है कि चूहों का जूठा प्रसाद यहां श्रद्धालुओं को दिया जाता है।
पीएम मोदी का ट्विट…
कहां से आए ये करीब 25 हजार चूहे?
स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार, एक बार 20 से 25 हजार या उससे अधिक सैनिकों की फौज किसी युद्ध से पीठ दिखाकर देशनोक गांव में पहुंची। ऐसे में माता ने उन सैनिकों को दंड दिया और चूहे के रूप में बदल दिया। ऐसे में सैनिकों ने
देवी की हमेशा सेवा करने का वादा दिया। इन चूहों में कुछ सफेद चूहे हैं जो मान्यता है कि वो करणी माता और उनके चार पुत्र हैं।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Garima Garg
पब्लिश्ड 22 May 2025 at 19:27 IST