Janmashtami Tulsi Upay: कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जरूर करें तुलसी से जुड़े ये उपाय, पैसों की तंगी होगी दूर

कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए तुलसी से जुड़े उपाय अत्यंत फलदायी और शुभ माने जाते हैं। श्रीकृष्ण को तुलसी पत्र बेहद प्रिय है; उनके बिना लड्डू गोपाल का भोग अधूरा रहता है। इस पवित्र पर्व पर तुलसी के विशेष उपाय करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

Janmashtami Tulsi Upay: कृष्ण जन्माष्टमी के दिन जरूर करें तुलसी से जुड़े ये उपाय, पैसों की तंगी होगी दूर | Image: Freepik

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी कृष्ण जन्माष्टमी पर उनकी कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए तुलसी के उपाय अत्यंत चमत्कारी माने जाते हैं। सनातन धर्म में भगवान विष्णु और उनके अवतार श्रीकृष्ण को तुलसी दल सर्वाधिक प्रिय है। यही कारण है कि तुलसी के बिना कान्हा का कोई भी भोग या पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। इस पावन अवसर पर तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि आ सकती है। आइए जानते हैं।

बिना तुलसी दल के लड्डू गोपाल को न लगाएं भोग

श्रीकृष्ण को उनका प्रिय माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी या पंचामृत का भोग लगाते समय उसमें तुलसी का पत्ता अनिवार्य रूप से शामिल करें। मान्यता है कि तुलसी दल के बिना भगवान अपना भोग स्वीकार नहीं करते और इसे शामिल करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

जन्माष्टमी के दिन तुलसी पौधे के पास जलाएं दीपक 

जन्माष्टमी की पावन संध्या पर तुलसी के पौधे के समीप शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का निरंतर मानसिक जाप करते हुए तुलसी माता की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। यह अचूक उपाय घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर पारिवारिक शांति लाता है।इस शुभ दिन पर माता तुलसी को सुहाग के प्रतीक स्वरूप नई लाल चुनरी अर्पित करें। उनके तने पर पवित्र रक्षासूत्र बांधते हुए अपनी जो भी विशेष मनोकामना हो, उसे कान्हा के समक्ष रखें।

तुलसी की मंजरी लड्डू गोपाल को चढ़ाएं 

यदि आपके तुलसी के पौधे पर मंजरी आ गई है, तो जन्माष्टमी की विशेष मध्यरात्रि पूजा में थोड़ी सी मंजरी तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। यह धन से जुड़ी सभी बाधाओं को दूर कर आर्थिक स्थिति को अत्यंत मजबूत बनाता है।

मां तुलसी को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं 

जिन दंपत्तियों के बीच अक्सर मनमुटाव रहता है, उन्हें जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे के समीप बैठकर श्री राधा-कृष्ण के युगल स्वरूप का ध्यान करना चाहिए। तुलसी माता को लाल चूड़ियां और सिंदूर जैसी सुहाग सामग्री अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में फिर से मिठास घुल जाती है।

जन्माष्टमी पर तुलसी से जुड़ी ये गलतियां बिल्कुल न करें

धर्म शास्त्रों में जन्माष्टमी, एकादशी या रविवार के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है। पूजा के लिए एक दिन पहले पत्ते तोड़कर सुरक्षित रख लें या फिर गमले के पास स्वतः गिरे हुए साफ पत्तों को धोकर उपयोग में लाएं।
बिना स्नान किए, गंदे वस्त्र पहनकर या अशुद्ध अवस्था में तुलसी के पवित्र पौधे को भूलकर भी स्पर्श न करें।
वैसे तो तुलसी का पत्ता कभी बासी या अपवित्र नहीं माना जाता, लेकिन ध्यान रहे कि पूजा या भोग में इस्तेमाल होने वाला पत्ता कहीं से कटा-फटा या खंडित न हो।
जहां तुलसी का पौधा स्थापित हो, वहां विशेष पवित्रता बनाए रखें। उस स्थान पर भूलकर भी जूते-चप्पल, झाड़ू या किसी भी प्रकार का कूड़ा-कचरा न रखें। जन्माष्टमी के दिन गमले के आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ करके वहां गंगाजल का छिड़काव करें।

ये भी पढ़ें - नीम करोली बाबा के भक्त हैं वीरेंद्र सहवाग...हनुमान अंश देखकर हुए भावुक, Video शेयर कर बताया कैसे जीवन में मिली बाबा की कृपा

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 3 September 2026 at 14:48 IST