अपडेटेड 31 January 2026 at 20:41 IST

Mathura Vrindavan Holi Date 2026: बरसाना की लठ्ठमार से लेकर फूलों की होली तक, नोट करें ब्रज की होली की सभी तिथियां

Holi 2026 Kab Hai: ब्रज की होली सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और संस्कृति का उत्सव है। यहां हर रंग में श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं की झलक मिलती है। अगर आप जीवन में एक बार कुछ अलग और दिव्य अनुभव करना चाहते हैं, तो 2026 की ब्रज होली जाकर मना सकते हैं।

ब्रज की होली 2026 | Image: AI

Holi 2026 Date: जहां देश के ज्यादातर हिस्सों में होली एक या दो दिन का त्योहार होता है, वहीं श्रीकृष्ण की पावन भूमि ब्रज में होली करीब 40 दिनों तक भक्ति, रंग और उल्लास के साथ मनाई जाती है। यहां की होली सिर्फ रंग खेलने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह राधा-कृष्ण की लीलाओं, लोक परंपराओं और भक्तिभाव का जीवंत उत्सव है।

ब्रज की होली की शुरुआत बसंत पंचमी के दिन ‘होली का डांडा’ रोपने से होती है। यह संकेत होता है कि अब कान्हा की नगरी में अबीर-गुलाल, भजन-कीर्तन और उत्सवों का सिलसिला शुरू होने वाला है।

भक्ति और परंपरा का अनोखा संगम

ब्रज की होली को दुनिया भर में इसलिए खास माना जाता है क्योंकि यहां हर दिन, हर जगह होली का अलग रंग देखने को मिलता है। कहीं लाठियों से होली खेली जाती है, तो कहीं फूलों की वर्षा होती है। कहीं लड्डू बरसते हैं, तो कहीं भक्ति और प्रेम से सराबोर विधवा होली मनाई जाती है।

अगर आप 2026 में मथुरा-वृंदावन और ब्रज की होली देखने की योजना बना रहे हैं, तो यह कैलेंडर आपके लिए बेहद काम का है। तो चलिए जानते हैं मथुरा और वृंदावन की होली की सभी तिथियां-

ब्रज होली कैलेंडर 2026 (Mathura-Vrindavan Holi Dates)

  • 25 फरवरी 2026, बुधवार - बरसाना में लड्डू होली
  • 26 फरवरी 2026, गुरुवार - बरसाना की लठमार होली
  • 27 फरवरी 2026, शुक्रवार - नंदगांव की लठमार होली
  • 28 फरवरी 2026, शनिवार - वृंदावन में फूलों की होली
  • 28 फरवरी 2026, शनिवार - वृंदावन में विधवाओं की होली
  • 1 मार्च 2026, रविवार - गोकुल में छड़ी-मार होली
  • 2 मार्च 2026, सोमवार - रमण रेती होली उत्सव
  • 3 मार्च 2026, मंगलवार - होलिका दहन
  • 4 मार्च 2026, बुधवार - रंगवाली होली / धुलंडी
  • 5 मार्च 2026, गुरुवार - दाऊजी मंदिर में हुरंगा होली
  • 6 मार्च 2026, शुक्रवार - बलदेव का हुरंगा (समापन)

ब्रज होली 2026 पर खास उत्सव

25 फरवरी - लड्डू होली, बरसाना

राधा रानी मंदिर में भक्तों पर लड्डू लुटाए जाते हैं। इसी के साथ ब्रज होली का रंगीन आगाज हो जाता है।

26 फरवरी - लठमार होली, बरसाना

बरसाना की गलियों में गोपियों द्वारा गोपों पर प्रतीकात्मक रूप से लाठियां बरसाई जाती हैं। यह ब्रज की सबसे प्रसिद्ध होली मानी जाती है।

27 फरवरी - लठमार होली, नंदगांव

नंदगांव में बरसाना की गोपियां पहुंचती हैं और यहां भी लठमार होली का अनोखा नजारा देखने को मिलता है।

28 फरवरी - फूलों की होली व विधवा होली, वृंदावन

बांके बिहारी मंदिर में रंगों की जगह फूलों की बारिश होती है। इसी दिन वृंदावन में विधवाएं भी गुलाल के साथ होली खेलती हैं, जो समाज में बदलाव का सुंदर संदेश देती है।

1 मार्च - छड़ी-मार होली, गोकुल

बाल कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी यह होली छड़ियों के प्रतीकात्मक खेल के साथ मनाई जाती है।

2 मार्च - रमण रेती होली, गोकुल

रमण रेती की पावन धूल, भजन और भक्ति के बीच होली का दिव्य माहौल बनता है।

3 मार्च - होलिका दहन

मथुरा-वृंदावन में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रूप में होलिका दहन किया जाता है।

4 मार्च - रंगवाली होली (धुलंडी)

अबीर और गुलाल के साथ पूरे ब्रज में रंगों का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जाता है।

5 मार्च - दाऊजी का हुरंगा, बलदेव

बलदाऊ मंदिर में खेली जाने वाली हुरंगा होली अपनी अनोखी परंपरा के लिए जानी जाती है।

6 मार्च - बलदेव हुरंगा

इसके साथ ही ब्रज की भव्य और अलौकिक होली का समापन होता है।

क्यों खास है ब्रज की होली?

ब्रज की होली सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और संस्कृति का उत्सव है। यहां हर रंग में श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं की झलक मिलती है। अगर आप जीवन में एक बार कुछ अलग और दिव्य अनुभव करना चाहते हैं, तो 2026 की ब्रज होली जाकर मना सकते हैं। 

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Published By : Samridhi Breja

पब्लिश्ड 31 January 2026 at 20:41 IST