Hanuman Jayanti 2026 Chalisa: हनुमान जयंती के दिन जरूर करें इस चालीसा का पाठ, जीवन में आ रही बाधाएं होंगी दूर

Hanuman Jayanti 2026 Chalisa: हनुमान जयंती के दिन पवनपुत्र हनुमान की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर हो सकती है। अब ऐसे में इस दिन किस चालीसा का पाठ करने से लाभ हो सकता है। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Hanuman Jayanti 2026 Chalisa | Image: METRA AI

Hanuman Jayanti 2026 Chalisa: हनुमान जयंती केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, शक्ति और अटूट विश्वास का उत्सव है। साल 2026 में हनुमान जयंती का पावन अवसर चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाएगा। इस दिन भक्त अपने आराध्य पवनपुत्र हनुमान को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। वैसे तो हनुमान चालीसा का पाठ घर-घर में होता है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र और पुराणों के अनुसार, जीवन की कठिन बाधाओं को दूर करने के लिए 'संकटमोचन हनुमाष्टक' का पाठ करना अमोघ फलदायी माना गया है। अब ऐसे में इस दिन हनुमान अष्टक का पाठ करने से उत्तम परिणाम मिल सकते हैं। आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

हनुमान जयंती के दिन करें संकटमोचन हनुमाष्टक का जाप 

बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अंधियारों।
ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो।
देवन आनि करी बिनती तब, छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि, जात महाप्रभु पंथ निहारो।
चौंकि महामुनि साप दियो तब, चाहिए कौन बिचार बिचारो।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के सोक निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।

अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु, बिना सुधि लाये इहां पगु धारो।
हेरी थके तट सिन्धु सबे तब, लाए सिया-सुधि प्राण उबारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।

रावण त्रास दई सिय को सब, राक्षसी सों कही सोक निवारो।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाए महा रजनीचर मरो।
चाहत सीय असोक सों आगि सु, दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।
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बान लाग्यो उर लछिमन के तब, प्राण तजे सूत रावन मारो।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो।
आनि सजीवन हाथ दिए तब, लछिमन के तुम प्रान उबारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।

रावन जुध अजान कियो तब, नाग कि फांस सबै सिर डारो।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो।
आनि खगेस तबै हनुमान जु, बंधन काटि सुत्रास निवारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।

बंधू समेत जबै अहिरावन, लै रघुनाथ पताल सिधारो।
देबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मंत्र विचारो।
जाये सहाए भयो तब ही, अहिरावन सैन्य समेत संहारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।

काज किए बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि बिचारो।
कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसे नहिं जात है टारो।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो।
को नहीं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो।

।। दोहा। ।
लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर।
वज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर।।

जय श्रीराम, जय हनुमान, जय हनुमान।

संकटमोचन हनुमानष्टक का पाठ करने का महत्व 

हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए 'संकटमोचन हनुमानाष्टक' का पाठ अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित इन आठ छंदों में हनुमान जी के  प्रसंगों का वर्णन है, जहां उन्होंने बड़े-बड़े संकटों को क्षण भर में दूर किया था। इसलिए इसका पाठ करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है और भाग्योदय हो सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 30 March 2026 at 23:10 IST