Garud Puran: मरे हुए व्यक्ति की वस्तुओं को घर में रखना सही या नहीं? जानें क्या कहता है शास्त्र

Garud Puran: मरे हुए व्यक्ति की चीजों को क्या करना चाहिए? ये सवाल अक्सर लोगों के दिमाग में आता है। आइए आपको बताते हैं कि क्या कहता है गरुड़ पुराण शास्त्र।

Garud Puran | Image: Meta AI \ Social Media

Garud Puran: मृत्यु जीवन का एक अटल सच है। जब कोई अपना हमें छोड़कर जाता है, तो यादों के साथ कई सवाल भी छोड़ जाता है। सबसे आम सवाल यह है कि मृत व्यक्ति के कपड़े, गहने और बिस्तर को घर में रखना चाहिए या नहीं। गरुड़ पुराण के अनुसार इस विषय में संतुलन बनाना जरूरी है।

गरुड़ पुराण की दृष्टि

गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु शरीर का अंत है, लेकिन आत्मा की नई यात्रा की शुरुआत भी है। व्यक्ति का अपनी वस्तुओं से गहरा भावनात्मक जुड़ाव होता है। इसलिए, इन चीजों को लेकर डरने के बजाय संतुलन बनाने की जरूरत है, ताकि आत्मा और परिवार दोनों को मानसिक शांति मिल सके।

कपड़ों क्या करें

मृत व्यक्ति के कपड़े शरीर के सबसे करीब होते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, इनके कपड़ों को लंबे समय तक घर में संभालकर रखना ठीक नहीं है। इन्हें सम्मान के साथ किसी जरूरतमंद को दान कर देना चाहिए। यह परंपरा दुख से बाहर निकलने में मदद करती है।

गहने और घड़ी का महत्व

गहने परिवार की विरासत होते हैं। इन्हें शुद्ध करने के बाद रखा जा सकता है। वहीं, घड़ी को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। यदि घड़ी बंद या खराब हो गई है, तो उसे घर में न रखें, क्योंकि यह रुके हुए समय का प्रतीक मानी जाती है।

तस्वीरों को कहां लगाएं

पितरों की तस्वीरें कभी भी पूजा घर या मंदिर में नहीं रखनी चाहिए। घर के हर कमरे में फोटो लगाना भी उचित नहीं है। तस्वीर ऐसी जगह होनी चाहिए जो हमें प्रेरणा दे, न कि हर पल दुख का अहसास कराए।

बिस्तर और अन्य दैनिक वस्तुएं

व्यक्ति के अंतिम समय में उपयोग किए गए बिस्तर, गद्दे और तकिए जैसी चीजों को हटा देना ही बेहतर है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इनमें कीटाणु होने की संभावना रहती है। हालांकि, पलंग जैसी मजबूत चीजों को अच्छी तरह साफ करके बाद में उपयोग किया जा सकता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Kirti Soni

पब्लिश्ड 18 June 2026 at 13:38 IST