Dhanteras 2026 Shopping: धनतेरस के दिन घर जरूर लाएं ये 6 चीजें, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा; घर में नहीं होगी दौलत की कमी
धनतेरस पर खरीदारी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इस दिन सोना-चांदी के अलावा कुछ बेहद शुभ चीजें घर लाने से मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की असीम कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है। आइए जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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सनातन धर्म में धनतेरस का त्यौहार सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व दिवाली के पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत करता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
धनतेरस पर खरीदारी करने से संपत्ति में तेरह गुना वृद्धि होती है। यदि आप भी इस धनतेरस माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो इस दिन सोना चांदी का अलावा और बजट में चाहते हैं तो इन चीजों को घर जरूर लेकर आएं।
नए पीतल के बर्तन
भगवान धन्वंतरि जब प्रकट हुए थे, तब उनके हाथों में पीतल का कलश था। इसलिए धनतेरस के दिन पीतल के बर्तन खरीदना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। ध्यान रखें कि बर्तन खरीदकर घर लाते समय उसे खाली न रखें, उसमें थोड़ा पानी या अनाज भर कर ही प्रवेश करें।
झाड़ू
शास्त्रों में झाड़ू को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदने से घर की नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता दूर होती है। इस दिन झाड़ू लाने से घर में सुख-शांति और आर्थिक संपन्नता का आगमन होता है।
साबुत धनिया
धनतेरस पर साबुत धनिया खरीदना बेहद फलदायी माना जाता है। पूजा के समय मां लक्ष्मी को धनिया अर्पित करें और दिवाली के बाद इसे अपने गमले या तिजोरी में रख दें। यह धन वृद्धि का एक अचूक प्रतीक माना जाता है।
गोमती चक्र और कौड़ियां
मां लक्ष्मी को कौड़ियां और गोमती चक्र अत्यंत प्रिय हैं। धनतेरस के दिन 11 गोमती चक्र और 5 पीली कौड़ियां खरीदकर लाएं। दीपावली की पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या धन स्थान पर रखें, इससे कभी पैसों की कमी नहीं होगी।
मिट्टी के दिए और श्रीयंत्र
दीपावली के लिए मिट्टी के दीये इसी दिन खरीदना शुभ होता है। इसके साथ ही, घर में धन का प्रवाह बनाए रखने के लिए इस दिन 'श्रीयंत्र' की खरीदारी कर उसकी विधि-विधान से स्थापना करें।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 3 November 2026 at 19:45 IST