अपडेटेड 19 February 2026 at 07:45 IST
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मचाएगा हलचल, इन 3 राशियों पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल
Lunar Eclipse 2026: इस बार होली का त्योहार और चंद्र ग्रहण एक साथ पड़ने से यह दिन और भी खास बन गया है। अगर सही समय और नियमों का ध्यान रखा जाए, तो लोग धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए पूरे उत्साह के साथ होली मना सकते हैं।
Chandra Grahan 2026 Unlucky Zodiac Signs: साल 2026 में रंगों का त्योहार होली और धुलंडी एक खास खगोलीय संयोग के साथ मनाई जाएगी। 3 मार्च 2026 को, जब पूरा देश रंगों में डूबा होगा, उसी दिन साल का पहला खंडग्रास चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। इस वजह से लोगों के मन में उत्सुकता के साथ-साथ धार्मिक नियमों को लेकर भी कई सवाल हैं।
कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
खगोलीय जानकारी के अनुसार, चंद्र ग्रहण 3 मार्च को शाम 5 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा और 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। यानी ग्रहण की कुल अवधि करीब 48 मिनट होगी। यह ग्रहण भारत समेत पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, रूस और पाकिस्तान जैसे कई देशों में दिखाई देगा। भारत में ग्रहण दिखाई देने के कारण इसका सूतक काल और धार्मिक प्रभाव पूरी तरह मान्य रहेगा।
किन 3 राशियों को रहना होगा सतर्क?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस चंद्र ग्रहण का असर कुछ राशियों पर ज्यादा पड़ सकता है। खासतौर पर इन चार राशियों के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मेष राशि:
इस राशि के जातकों के जीवन में तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है और रिश्तों में खटास आ सकती है। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले सोच-विचार जरूर करें।
कन्या राशि:
कन्या राशि वालों को मानसिक तनाव और धन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और बेवजह चिंता न करें।
मीन राशि:
मीन राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। फिजूलखर्च से बचें और बजट बनाकर चलें।
9 घंटे पहले शुरू होगा सूतक काल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। चूंकि ग्रहण शाम को लग रहा है, इसलिए सुबह करीब 9 बजे से सूतक काल लागू हो जाएगा। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। सूतक काल में पूजा-पाठ, मूर्ति स्पर्श और भोजन करना वर्जित माना जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की साफ-सफाई और शुद्धिकरण के बाद ही दोबारा दर्शन शुरू होंगे।
सावधानी से मनाएं होली
धुलंडी के दिन शाम को ग्रहण लगने के कारण रंग खेलने के कार्यक्रमों में थोड़ा बदलाव हो सकता है। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि होली की खुशी के साथ धार्मिक नियमों का भी ध्यान रखें। ग्रहण के समय अनावश्यक विवाद से बचें और शांति बनाए रखें।
इस बार होली का त्योहार और चंद्र ग्रहण एक साथ पड़ने से यह दिन और भी खास बन गया है। अगर सही समय और नियमों का ध्यान रखा जाए, तो लोग धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए पूरे उत्साह के साथ होली मना सकते हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 19 February 2026 at 07:45 IST