Chandra Grahan 2026: रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, नोट करें सूतक काल का समय और जानें क्या होगा असर?
Chandra Grahan 2026 Sutak Kaal: सावन 2026 के महीने में साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दिन ग्रहण के अलावा भारत में रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा।
- धर्म और अध्यात्म
- 3 min read
Lunar Eclipse 2026 India Negative Effects: साल 2026 के सावन महीने का अंत एक बेहद खास खगोलीय घटना के साथ होने जा रहा है। 28 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा के दिन जहां पूरे देश में रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाया जाएगा, वहीं इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है।
त्योहार के दिन ग्रहण होने की बात सुनकर अक्सर लोगों के मन में कई सवाल उठने लगते हैं कि क्या ग्रहण का असर राखी पर पड़ेगा? क्या सूतक काल लगेगा? क्या बहनें अपने भाई को राखी बांध पाएंगी? तो चलिए जानते हैं चंद्र ग्रहण से जुड़ी पूरी डिटेल्स।
कब लग रहा है यह चंद्र ग्रहण?
सबसे पहले जान लेते हैं कि यह ग्रहण कब और कितने बजे लग रहा है।
- तारीख: 28 अगस्त 2026 (गुरुवार)
- शुरुआत: सुबह लगभग 06:53 बजे (भारतीय समयानुसार)
- समापन: दोपहर 12:32 बजे
- कुल अवधि: 5 घंटे 39 मिनट
यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसका मतलब है कि चंद्रमा का एक बड़ा हिस्सा पृथ्वी की परछाई के पीछे छिप जाएगा।
क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण? क्या लगेगा सूतक?
भारतीय मान्यताओं के अनुसार, किसी भी ग्रहण का सूतक काल तभी माना जाता है, जब वह ग्रहण आपके शहर या देश में दिखाई दे।
28 अगस्त को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका में नजर आएगा। चूंकि भारत में इस समय दिन होगा, इसलिए यह ग्रहण यहां बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। भारत में इसके दिखाई न देने के कारण, यहाँ सूतक काल पूरी तरह से अमान्य रहेगा।
रक्षाबंधन के त्योहार पर क्या होगा असर?
यह बहनों और भाइयों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है! क्योंकि भारत में सूतक काल नहीं लग रहा है, इसलिए रक्षाबंधन के त्योहार पर इस चंद्र ग्रहण का कोई भी बुरा असर नहीं पड़ेगा।
बहनें बिना किसी डर या संकोच के अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। ग्रहण के दौरान लगने वाली कोई भी रोक-टोक जैसे- मंदिरों का बंद होना, खाने-पीने की मनाही या पूजा-पाठ न करना भारत में लागू नहीं होगी। आप हमेशा की तरह खुशी-खुशी अपने पूरे परिवार के साथ इस त्योहार को मना सकते हैं।
राखी बांधने का सबसे अच्छा समय
पंचांग के अनुसार, कोई भी शुभ काम करते समय 'भद्रा' का ध्यान रखा जाता है। अच्छी बात यह है कि 28 अगस्त 2026 को भद्रा काल सूर्य उगने से पहले ही खत्म हो जाएगा। इसलिए सुबह का समय राखी बांधने के लिए बहुत ही शुभ और फलदायी रहेगा।
किन राशियों को रहना होगा थोड़ा सावधान?
भले ही भारत में यह ग्रहण नहीं दिखेगा, लेकिन अंतरिक्ष में हो रहे इस बदलाव का असर हमारी राशियों पर जरूर पड़ता है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, 12 में से 4 राशियों को इस दौरान थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। इसमें सिंह, वृश्चिक, मकर और कुंभ शामिल हैं। इन राशि वाले लोगों को ग्रहण के आसपास अपने स्वास्थ्य और पैसों के लेन-देन को लेकर थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
साल 2026 का रक्षाबंधन पूरी तरह से शुभ है। चंद्र ग्रहण का साया आपकी खुशियों के बीच नहीं आएगा, इसलिए बिना किसी चिंता के भाई-बहन के इस अटूट प्रेम के त्योहार को धूमधाम से मनाएं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 22 July 2026 at 19:18 IST