3 साल बाद नाग पंचमी पर बन रहें हैं ये 3 दुर्लभ संयोग, किस विधि से करें पूजा; जानें शुभ मुहूर्त
नाग पंचमी पर इस साल बहुत ही दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में इन शुभ मुहूर्तों में पूजा करना बहुत ही लाभकारी होता है। आइए जानते हैं पूजा विधि क्या है?
Nag Panchami Puja Vidhi: सावन का पावन महीना न सिर्फ भोलेनाथ को समर्पित किया गया है बल्कि इस महीने में उनके गले में धारण सांप (Snake) की पूजा के लिए भी एक विशेष दिन रखा गया है। जिसे नाग पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन नाग देवता (Naag Devta) की पूजा-अर्चना की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन नाग देवता की पूजा करने से पितृ और काल सर्प दोष (Sarp Dosh) से छुटकारा मिलता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। वहीं इस साल की नाग पंचमी (Nag Panchami) और भी खास है, क्योंकि इस दिन पूजा के लिए 3 दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। आइए इन संयोगों और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं।
हर साल सावन माह (Sawan 2024) के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाए जाने वाले नाग पंचमी के त्योहार कि तिथि 9 अगस्त 2024 दिन शुक्रवार की रात 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होगी जो 10 अगस्त 2024 दिन शनिवार की सुबह 3 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। ऐसे में इस साल नाग पंचमी (Kab Hai Nag Panchami) का पर्व 9 अगस्त को मनाया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दिन कौन-कौन से दुर्लभ संयोग बन रहे हैं और किस मुहूर्त में पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है।
6 साल बाद नाग पंचमी पर बन रहे हैं 3 दुर्लभ संयोग
ज्योतिष गणना के मुताबिक इस बार 6 साल बाद नाग पंचमी (Nag Panchami Shubh Yog) पर 3 दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इसमें सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग शामिल हैं। ऐसे में इन योगों का सभी 12 राशियों के जातकों पर इसका सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिलेगा। हालांकि नाग पंचमी (Nag Panchami Puja Vidhi) पर बनने वाले यह योग बेहद लाभकारी साबित हो सकते हैं।
इस मुहूर्त में करें नाग पंचमी पर पूजा, मिलेगा पूरा फल
पंचांग के मुताबिक नाग पंचमी के दिन पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 46 मिनट से सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, दिन में 10 बजे से 12 बजकर 30 मिनट तक भी पूजन का समय उत्तम रहेगा। इस दौरान नाग देवता का विधिपूर्वक पूजन करना शुभ माना जाता है।
नाग पंचमी पर किस विधि से करें पूजा? (Nag Panchami Puja Vidhi)
- नाग पंचमी के दिन सुबह नहाधोकर साफ सुथरे कपड़े पहनें।
- इसके बाद घर के पूजा स्थान में या मंदिर में जाकर शिवलिंग पर कच्चा दूध, जल, चावल, और बेलपत्र अर्पित करें।
- फिर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं और धूप अर्पित करें।
- धूप-दीप दिखाने के बाद “ओम नागाधिपतये नमः” मंत्र का जाप करें और नाग देवता की कथा का पाठ करें या फिर सुने।
- राहु और केतु से संबंधित उपाय भी करें, जैसे राहु के मंत्र “ओम रां राहवे नमः” का जाप करें।
- इस दिन साक्षात नाग-नागिन की पूजा करके उन्हें सपेरे से मुक्ति दिलाएं, जिससे काल सर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Sadhna Mishra
पब्लिश्ड 7 August 2024 at 22:44 IST