Adhik Maas Shivratri 2026 Date: 12 या 13 जून कब है अधिकमास की शिवरात्रि? बन रहे हैं 3 महासंयोग, जानें जलाभिषेक का सही समय और पूजा का महत्व

Adhik Maas Shivratri 2026 Date: हिंदू धर्म में अधिकमास में पड़ने वाले सभी व्रत बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। अब ऐसे में इस साल अधिकमास की शिवरात्रि कब पड़ रही है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए इस लेख में जानते हैं।

Adhik Maas Shivratri on June 12 or 13 Three auspicious alignments are coinciding know time for jalabhishek and significance | Image: Social Media

Adhik Maas Shivratri 2026 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ अधिक मास का पावन काल चल रहा है। अधिक मास, जिसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है, में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व होता है। इस वर्ष यह तिथि अत्यंत दुर्लभ और शुभ मानी जा रही है, क्योंकि पूरे 27 वर्षों के बाद इस दिन कई महासंयोगों का निर्माण हो रहा है। अब ऐसे में इस साल अधिकमास की शिवरात्रि कब पड़ रही है और जलाभिषेक का समय क्या है? आइए जानते हैं।

12 या 13 जून कब है अधिक मास की शिवरात्रि?

मासिक शिवरात्रि हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास की चतुर्दशी तिथि 13 जून 2026, शनिवार को दोपहर 04:07 बजे से शुरू हो रही है, जो 14 जून को दोपहर 12:19 बजे तक रहेगी। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, शिवरात्रि का व्रत और पूजा 'प्रदोष काल' में करना सबसे उत्तम माना जाता है। इसलिए, उदय तिथि के बजाय प्रदोष काल की प्रधानता को देखते हुए, अधिक मास की मासिक शिवरात्रि 13 जून 2026 को ही मनाई जाएगी।

3 महासंयोगों का प्रभाव

शिवरात्रि का शनिवार के दिन आना शनिदेव की कृपा और शिव भक्ति का अद्भुत संगम बनाता है, जिससे साढ़े साती या ढैया के कष्टों में राहत मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन 'गौरी योग' का निर्माण हो रहा है, जो वैवाहिक सुख और सौभाग्य में वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। पुरुषोत्तम मास में की गई पूजा का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक माना जाता है। यह समय आत्म-साधना और मोक्ष के लिए सर्वश्रेष्ठ है।

जलाभिषेक और पूजा का सही समय क्या है? 

अगर आप अधिकमास की शिवरात्रि की पूजा कर रहे हैं तो जलाभिषेक के शुभ मुहूर्त में देख लें। 
निशिता काल -रात 11:01 बजे से 12:41 बजे तक।
ब्रह्म मुहूर्त-सुबह 04:02 से 04:42 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त-सुबह 11:53 से 12:49 बजे तक।

पूजा का महत्व

शिव पुराण के अनुसार, अधिक मास में महादेव की आराधना करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन की सभी नकारात्मक बाधाएं भी दूर होती हैं। इस दिन शिवलिंग पर गंगाजल, कच्चा दूध, शहद, दही और घी से अभिषेक करना चाहिए। साथ ही, 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते हुए बेलपत्र, धतूरा और सफेद चंदन अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। 

ये भी पढ़ें - UP: उन्नाव में राम मंदिर का निर्माण करवा रहे साधु की हत्या के बाद तनाव... हिरासत में 3 आरोपी, बवाल के बाद ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 10 June 2026 at 20:43 IST