नॉर्थ ईस्ट में कैसे PM मोदी ने उतारी अपनी फौज? 700 से ज्यादा बार अलग-अलग केंद्रीय मंत्रियों ने किया दौरा, जानिए क्यों
प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि पिछले 11 साल में जो परिवर्तन नॉर्थ ईस्ट में आया है, वो सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं। वो जमीन पर महसूस होने वाला बदलाव है। पीएम मोदी का कहना है कि हमने नार्थ ईस्ट से सिर्फ योजना के माध्यम से नहीं, दिल से रिश्ता बनाया है। 700 से ज्यादा बार केंद्र सरकार के मंत्री नॉर्थ ईस्ट आए और उन्होंने उस मिट्टी को महसूस किया, लोगों की आंखों में उम्मीद देखी और उस भरोसे को विकास की नीति में बदला।
North East India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन में नॉर्थ ईस्ट की अलग और बेहद खास अहमियत है। इसका अंदाजा लगा सकते हैं कि नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रियों ने 700 से ज्यादा बार पूर्वोत्तर राज्यों का दौरा किया। दिल्ली में नॉर्थ ईस्ट राइजिंग समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने खुद इस बात का खुलासा किया। इन दौरों को पीएम मोदी ने नॉर्थ ईस्ट के विकास से जोड़ने की कोशिश की। प्रधानमंत्री मोदी पूर्वोत्तर के राज्यों पर गर्व कर रहे हैं और उन्होंने नॉर्थ ईस्ट को देश का बहुत अहम हिस्सा बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि पिछले 11 साल में जो परिवर्तन नॉर्थ ईस्ट में आया है, वो सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं। वो जमीन पर महसूस होने वाला बदलाव है। पीएम मोदी का कहना है कि हमने नार्थ ईस्ट से सिर्फ योजना के माध्यम से नहीं, दिल से रिश्ता बनाया है। 700 से ज्यादा बार केंद्र सरकार के मंत्री नॉर्थ ईस्ट आए और उन्होंने उस मिट्टी को महसूस किया, लोगों की आंखों में उम्मीद देखी और उस भरोसे को विकास की नीति में बदला।
PM मोदी ने बताया EAST का मतलब
नॉर्थ ईस्ट राइजिंग समिट में पीएम मोदी कहते हैं- 'हमारे लिए EAST का मतलब है - Empower, Act, Strengthen and Transform। पूर्वी भारत के लिए यही हमारी सरकार की नीति है। प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि एक समय था, जब नॉर्थ ईस्ट को सिर्फ सीमांत क्षेत्र कहा जाता था। आज ये ग्रोथ का फ्रंट रनर बन रहा है। नॉर्थ ईस्ट में नेचर भी है और ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन भी है। नॉर्थ ईस्ट के कल्चर में ही म्यूजिक, डांस और सेलिब्रेशन है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए पूर्वी भारत का विकसित होना बहुत जरूरी है। नार्थ ईस्ट में नेचर भी है और वेलनेस के लिए मेडिसिन की तरह है वहा का मौसम है। उन्होंने निवेशों को नॉर्थ ईस्ट की ओर रिझाते हुए कहा कि इन्वेस्टर्स को आत्मविश्वास आता है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा हो , ट्रेड के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी हो , इसलिए हमने नार्थ ईस्ट में बुनियादी ढांचे में क्रांति शुरू की है , अब ये लैंड ऑफ अपॉर्चुनिटी बन रहा है।
Published By : Dalchand Kumar
पब्लिश्ड 23 May 2025 at 12:49 IST