RSS के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि होंगे PM मोदी, संगठन के 100 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट और सिक्का करेंगे जारी
PM Modi in RSS centenary celebrations: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "परम पूजनीय हेडगेवार जी ने 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। हेडगेवार के निधन के बाद, गुरुजी ने राष्ट्र सेवा के इस महान मिशन को आगे बढ़ाया।"
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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RSS centenary celebrations, PM Modi in RSS centenary celebrations: दुनिया के सबसे बड़े संगठनों में से एक भारत का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपना शताब्दी समारोह मना रहा है। न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी दिल्ली के डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में इस समारोह का आयोजन 1 अक्टूबर 2025 को किया जा रहा है।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने प्रधानमंत्री कार्यालय के हवाले से बताया है कि RSS के इस शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान पीएम मोदी संगठन के 100 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे। यहां बता दें कि अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी पीएम मोदी ने RSS के 100 वर्ष पूरे होने का जिक्र किया था।
यह विजयादशमी एक और वजह से भी बहुत खास है- पीएम मोदी
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की "अभूतपूर्व और प्रेरणादायक" यात्रा की सराहना की, क्योंकि संगठन विजयादशमी के अवसर पर 100 वर्ष पूरे करेगा।
पीएम मोदी ने कहा, "यह विजयादशमी एक और वजह से भी बहुत खास है। इस दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। एक सदी की यह यात्रा जितनी अद्भुत है, अभूतपूर्व है, उतनी ही प्रेरक भी है।"
संघ की स्थापना स्वतंत्रता से पहले भारत में पहचान के संकट के दौरान हुई - प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी, जो पहले आरएसएस का हिस्सा थे, ने कहा कि संघ की स्थापना स्वतंत्रता से पहले भारत में पहचान के संकट के दौरान हुई थी।
उन्होंने कहा, "100 वर्ष पूर्व, जब आरएसएस की स्थापना हुई थी, तब देश सदियों से गुलामी की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। सदियों से चली आ रही इस गुलामी ने हमारे स्वाभिमान और आत्मविश्वास को गहरी चोट पहुंचाई थी। दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता पहचान के संकट से जूझ रही थी। हमारे नागरिक हीन भावना का शिकार हो रहे थे।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "परम पूजनीय हेडगेवार जी ने 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी। हेडगेवार के निधन के बाद, गुरुजी ने राष्ट्र सेवा के इस महान मिशन को आगे बढ़ाया।"
आरएसएस की शिक्षाओं की सराहना करते हुए पीएम मोदी ने देश में प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत कार्यों में सहयोग देने के लिए संघ की प्रशंसा की। उन्होंने आरएसएस के "राष्ट्र प्रथम" दृष्टिकोण की सराहना की और शताब्दी समारोह की शुभकामनाएं दीं।
1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी आरएसएस की स्थापना
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में नागपुर, महाराष्ट्र में आरएसएस की स्थापना एक स्वयंसेवक-आधारित संगठन के रूप में की गई थी, जिसका लक्ष्य नागरिकों में सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देना था। इसके उदय को सदियों के विदेशी शासन के प्रति प्रतिक्रिया के रूप में देखा गया है, और इसके निरंतर विकास का श्रेय धर्म में निहित भारत के राष्ट्रीय गौरव के इसके दृष्टिकोण की भावनात्मक प्रतिध्वनि को दिया जाता है।
संघ का मुख्य जोर देशभक्ति और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण पर है। यह मातृभूमि के प्रति समर्पण, अनुशासन, संयम, साहस और वीरता का संचार करना चाहता है। संघ का अंतिम लक्ष्य भारत का "सर्वांगीण उन्नति" (सर्वांगीण विकास) है, जिसके लिए प्रत्येक स्वयंसेवक स्वयं को समर्पित करता है।
Published By : Amit Dubey
पब्लिश्ड 30 September 2025 at 18:15 IST