अपडेटेड 10 January 2026 at 22:29 IST

PM Modi Somnath Temple: हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड: सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी का भक्ति स्वरूप-PHOTOS

PM Modi Somnath Temple: पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।

हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड: सोमनाथ मंदिर में प्रधानमंत्री मोदी का भक्ति स्वरूप | Image: ANI

PM Modi Somnath Temple: सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 10 जनवरी को स्वाभिमान पर्व मनाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। शनिवार, देर शाम जब पीएम ने 'ओंकार मंत्र' का जाप किया, तो आसपास का पूरा इलाका शिवमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
पीएम मोदी के साथ मंदिर परिसर में स्थित श्रद्धालुओं ने भी 'ओंकार मंत्र' का जाप किया। इस दौरान पवन पर्व के अवसर पर शानदार ड्रोन का नजारा भी देखने को मिला। इस पर्व में पीएम मोदी के अलावा, हजारों स्कूली बच्चों ने भी 'ओंकार मंत्र' का जाप किया। इस दौरान पीएम मोदी हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड के साथ दिखे, जो किसी अद्भुत शिव भक्ति स्वरूप से कम नहीं था।

हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड

सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के 1,000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे हैं पर्व के दौरान पीएम मोदी हाथ में त्रिशूल, माथे पर त्रिपुंड भरे स्वरूप में नजर आए हैं। पीएम मोदी ने हजारों स्कूली बच्चों के साथ 'ओंकार मंत्र' का जाप किया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान 72 घंटे तक 'ओम' मंत्रोच्चार के बीच सोमनाथ मंदिर के ऊपर का आसमान आतिशबाजी का भी नजारा दिखाई दिया।

मेगा ड्रोन शो का शानदार नजारा

इस दौरान एक मेगा ड्रोन शो भी देखा गया। ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शो में सोमनाथ मंदिर का 3D विजुअलाइजेशन और भगवान शिव की विशाल आकृति जैसी की अद्भुत दृश्य दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी सोमनाथ मंदिर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के हिस्से के रूप में आयोजित ड्रोन शो में शामिल थे।

महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ पर किया था हमला

बताया जाता है कि महमूद गजनी ने 1026 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसके 1000 वर्ष पूरे होने पर स्वाभिमान पर्व आयोजित किया गया। कई महलों के बाद भी सोमनाथ मंदिर आज आस्था और राष्ट्रीय गौरव के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में खड़ा है।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 10 January 2026 at 22:29 IST