अपडेटेड 12 January 2026 at 10:53 IST
PM Modi संग साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, पतंग महोत्सव का किया उद्घाटन; साबरमती आश्रम में बापू को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज एक ही कार में सवार होकर साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार, 12 दिसंबर को अहमदाबाद पहुंचे। साबरमती आश्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने उनके जोरदार स्वागत किया। इसके बाद दोनों ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर को पूरे आश्रम का भ्रमण कराया और इसके इतिहास के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पतंग महोत्सव का उद्घाटन करने दोनों साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे।
फ्रेडरिक मर्ज के चांसलर पद संभालने के बाद भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता समेत कई अहम डील पर समझौता होने की भी उम्मीद है। इसके साथ ही यूक्रेन संकट, वैश्विक सुरक्षा हालात और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बढ़ते तनाव जैसे विषयों पर भी चर्चा संभव है। यात्रा के पहले दिन जर्मनी चांसलर अहमदाबाद पहुंचे, जहां पीएम मोदी ने उनका जोरदार स्वागत किया।
पीएम मोदी संग फ्रेडरिक मर्ज ने उठाया पतंगबाजी का लुफ्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज एक ही कार में सवार होकर साबरमती रिवरफ्रंट पहुंचे, जहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। दोनों ने पतंगबाजी का लुफ्त भी उठाया। जर्मन चांसलर भी इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लेकर और लोगो के साथ पतंगबाजी कर काफी खुश नजर आ रहे थे।
साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और पीएम मोदी ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने यहां जर्मन चांसलर का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने आश्रम परिसर में महात्मा गांधी द्वारा उपयोग किए गए चरखे का अवलोकन किया और आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार दर्ज किए।
दोनों देशों के बीच अहम डील की उम्मीद
जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में द्विपक्षीय वार्ता होगी, जिसमें भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी (जो हाल ही में 25 वर्ष पूरे कर चुकी है) की समीक्षा, व्यापार-निवेश, रक्षा सहयोग, हरित ऊर्जा, कौशल विकास और वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। इस दौरे की सबसे बड़ा एजेंडा भारतीय नौसेना के लिए अत्याधुनिक पनडुब्बियों की खरीद प्रस्ताव है। यह सौदे करीब 52,500 करोड़ रुपये का बताया जा रहा है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 12 January 2026 at 10:32 IST