PM मोदी ने की तुलसी गबार्ड से मुलाकात, तोहफे में दिया महाकुंभ का पवित्र जल तो रिटर्न गिफ्ट में क्या मिला?
PM मोदी ने तुलसी गबार्ड को महाकुंभ के पवित्र जल से भरा एक कलश भेंट किया। इससे पहले PM ने मॉरीशस राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल को भी महाकुंभ का जल भेंट किया था।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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Tulsi Gabbard meets PM Modi : अमेरिकी खुफिया विभाग की निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड भारत की ढाई दिन की यात्रा पर रविवार तड़के दिल्ली आईं हैं। रविवार को उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से कई मुद्दों पर चर्चा की। इसका बाद शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की। PM मोदी ने तुलसी गबार्ड को प्रयागराज महाकुंभ के पवित्र जल से भरा एक कलश भेंट किया। इससे पहले PM मोदी ने मॉरीशस राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल को भी महाकुंभ का जल भेंट किया था।
वहीं, तुलसी गबार्ड भी पीएम मोदी के लिए गिफ्ट लेकर आई थीं। उन्होंने प्रधानमंत्री को रिटर्न गिफ्ट के तौर पर एक माला तोहफे में दी है। पीएम मोदी और तुलसी गबार्ड की ये मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है। यह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की पहली भारत की उच्चस्तरीय यात्रा है। तुलसी, 18 मार्च को दिल्ली में रायसीना डायलॉग को संबोधित करेंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आमंत्रित किया है।
PM मोदी और तुलसी की दूसरी मुकालात
प्रधानमंत्री नरेंद्र की तुलसी गबार्ड के साथ यह दूसरी मुलाकात थी। इससे फरवरी में जब पीएम मोदी अमेरिकी दौरे पर थे, तो दोनों की मुताकात हुई थी। वॉशिंगटन डीसी में PM मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से द्विपक्षीय वार्ता करने के बाद तुलसी गबार्ड से मुलाकात की थी। जिसमें आतंकवाद और साइबर सिक्योरिटी को लेकर आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
राजनाथ ने की SFJ पर कार्रवाई की मांग
प्रधानमंत्री के साथ तुलसी की ये बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ चर्चा के बाद हुई है। जहां रजानाथ सिंह ने अमेरिका में प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) द्वारा की जा रही भारत विरोधी गतिविधियों पर चिंता जताई। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के लिखा कि भारत ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के सामने अपनी चिंता व्यक्त की और गैरकानूनी संगठन SFJ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। आपको बतादें कि SFJ भारत द्वारा एक घोषित गैरकानूनी संगठन है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करने के प्रमुख पहलुओं पर भी चर्चा हुई है।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 17 March 2025 at 20:28 IST