शिक्षक दिवस पर PM मोदी का खास संवाद, कहा- राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का योगदान अमूल्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रुनेई और सिंगापुर के दौरे से लौटने के बाद आज शिक्षकों के साथ संवाद किया। देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षक एक पूरी पीढ़ी का निर्माण करने की शक्ति रखते हैं। इस सालाना कार्यक्रम के तहत वे शिक्षकों को 'विकसित भारत' के विजन के साथ जोड़ने पर जोर देते हैं।

शिक्षक दिवस पर PM मोदी का खास संवाद, कहा- राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का योगदान अमूल्य | Image: ANI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘शिक्षक दिवस’ के अवसर पर ब्रुनेई और सिंगापुर के विदेश दौरे से लौटने के बाद शिक्षकों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान देश भर से आए कई शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक अनुभव साझा किए।   

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि शिक्षकों के पास एक संपूर्ण और नई पीढ़ी का निर्माण करने की अद्भुत शक्ति होती है। इस सालाना संवाद कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाता है, जिससे शिक्षा जगत में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

विकसित भारत और कौशल विकास का विजन  

नई शिक्षा नीति (NEP) के लागू होने के बाद से सरकार का मुख्य फोकस छात्रों के स्किल डेवलपमेंट और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाने पर है। प्रधानमंत्री लगातार शिक्षकों को इस राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ रहे हैं, ताकि शिक्षण पद्धतियों को नई नीतियों के अनुरूप ढाला जा सके।

युवा पीढ़ी को वैचारिक रूप से सक्षम बनाना है - पीएम मोदी 

प्रधानमंत्री का यह प्रयास रहता है कि शिक्षक जटिल नीतियों को छात्रों के लिए सरल और सहज बनाएं। इसके साथ ही, शिक्षकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में विद्यार्थियों के मनोबल को ऊंचा रखते हुए उन्हें सही दिशा दिखाने का कार्य करें। वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करने के लिए युवा पीढ़ी को वैचारिक रूप से सक्षम बनाना ही इस संवाद का मुख्य उद्देश्य रहा है।  

September 5, 2026

स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर

पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक और व्यावहारिक कौशल (वोकेशनल स्किल्स) को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार हुनरमंद बनाने के लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि वे पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी या स्वरोजगार पा सकें।

शिक्षा नीति में प्रमुख बदलाव

नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम को लचीला बनाया गया है। इसमें छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के अवसर दिए जा रहे हैं ताकि वे इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढाल सकें।

शिक्षकों की नई भूमिका और ट्रेनिंग

इस बदलाव को सफल बनाने के लिए शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक और नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है। सरकार शिक्षकों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चला रही है ताकि वे छात्रों को नए दौर की स्किल्स सिखाने में पूरी तरह सक्षम हों।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 5 September 2026 at 10:47 IST