पहले आटा या डेटा, अब पूछते हैं मोदी जी AI पर क्या काम हुआ? ये राजनीति की वही टोली है, जिसका मंत्र विरोध करना है- PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिपब्लिक सम्मिट 2026 में ‘स्थाई असंतोष की टोली’ पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि ये लोग 24 घंटे बिजली मांगते हैं लेकिन प्लांट का विरोध करते हैं, EV चाहते हैं पर खनन नहीं, AI चाहते हैं पर डेटा सेंटर का विरोध। भ्रष्टाचार पर कार्रवाई हो तो चीखते हैं।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिपब्लिक सम्मिट 2026 में देश की प्रगति के रास्ते में खड़ी एक खास मानसिकता पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि देश का एक बड़ा वर्ग सकारात्मक है, लेकिन दूसरी तरफ एक छोटी-सी 'टोली' है जो स्थाई असंतोष में जीती है। उनका जीवन मंत्र ही बन गया है – “हमेशा खिलाफ रहो”।
पीएम मोदी ने दर्शकों को इस टोली के लक्षण आसानी से पहचानने का तरीका बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये लोग विरोध के लिए विरोध करते हैं और विकास के हर कदम पर अड़ंगे डालते हैं। दरअसल, पीएम मोदी बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साध रहे थे।
प्रधानमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा, “ये लोग आज कहते हैं, अरे बिजली क्यों नहीं आ रही, 24 घंटे बिजली चाहिए। लेकिन अगले ही दिन डफली लेकर सोलर पार्क, थर्मल प्लांट, न्यूक्लियर प्लांट और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स का विरोध करने पहुंच जाते हैं।” पीएम मोदी ने हंसते हुए कहा-
“ये वही लोग हैं जो कभी डाटा बनाम आटा की बहस चलाते थे। अब यही लोग पूछते हैं– मोदी जी, AI में क्या काम हुआ?”
AI और डेटा सेंटर पर विरोध
पीएम मोदी ने कहा, “एक सांस में ये लोग कहते हैं कि AI तो भारत में होना चाहिए था, लेकिन जब डेटा सेंटर बनते हैं तो वही लोग विरोध में खड़े हो जाते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे का विरोध करने वाली यही टोली है।
भ्रष्टाचार और कार्रवाई पर दोहरा मापदंड
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ये लोग भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दुनिया भर के उदाहरण उठा-उठाकर भारत को कटघरे में खड़ा करते हैं। उनका मीडिया इकोसिस्टम 24 घंटे इस पर चर्चा करता रहता है। लेकिन जब भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो यही लोग सबसे पहले हल्ला मचाते हैं– “अरेस्ट गलत हुआ, सवाल उठाए जाते हैं कि क्यों इस पर एक्शन हुआ, क्यों उस पर नहीं?”
पीएम मोदी ने स्पष्ट किया, “कार्रवाई हो तो चीखते हैं, विकास हो तो रोते हैं। बिजली चाहिए लेकिन प्लांट नहीं चाहिए, EV चाहिए लेकिन खनन नहीं चाहिए, AI चाहिए लेकिन डेटा सेंटर नहीं चाहिए। यह स्थाई असंतोष की मानसिकता है।”
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Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 22 June 2026 at 22:30 IST