Independence Day 2026: कास्ट, क्वालिटी और स्केल… लाल किले से PM मोदी ने किया शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

भारत आज आजादी का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का आह्वान किया।

कास्ट, क्वालिटी और स्केल… लाल किले से PM मोदी ने किया शक्ति की सप्तधारा का आह्वान | Image: X

भारत आज आजादी का जश्न मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से बड़े बदलावों के लिए आगे आने और देश को विकसित बनाने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए नई धारा चाहिए। छोटे पुर्जे से लेकर बड़े प्रोडक्ट बनाने हैं। कॉस्ट, क्वालिटी और स्केल पर ध्यान देना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास स्थिर और मजबूत सरकार है। भारत का हर उत्पाद को पूरी दुनिया में पहुंचाना है। दुनिया के 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता है। सही दिशा में नहीं चले होते तो मुकाबला कैसे करते। हमारे पास दिशा देने वाला संविधान है। दुनिया के अच्छा और सस्ता उत्पाद देना होगा। 2047 का लक्ष्य मजबूत नींव पर खड़ा है. सोच बदलनी होगी। जो काम पांच दशक में नहीं हुए वो 5 साल में करने होंगे।

क्या बोले PM मोदी

आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सामने 'शक्ति की सप्त धारा' का आह्वान करता हूं। आने वाले 5-7 साल में, जो पिछले 5-7 दशक में नहीं हुआ उस 'सप्त धारा' के सामर्थ्य से, उसकी शक्ति से हम देश को नई ऊंचाई और गति देंगे और नए लक्ष्यों को पार करने वाले सामर्थ्य देंगे। इसके साथ-साथ देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य का भी भरपूर राष्ट्र निर्माण में उपयोग होगा, उनकी शक्ति जोड़ी जाएगी।आने वाले दिनों में जब मैं सप्त धारा की बात करता हूं तो उसकी पहली शक्ति है मैन्यूफैक्चरिंग पावर... इस सप्त धारा की दूसरी शक्ति है, कृषि और खाद्य उत्पादन... मेरी सप्त धारा की तीसरी शक्ति है, प्रौद्योगिकी और नवाचार... सप्त धारा की चौथी शक्ति है गति शक्ति... हमारी पांचवी सप्त धारा की शक्ति रक्षा बल है... हमारी सप्त धारा की छठी शक्ति है, ग्रीन इकॉनमी और ब्लू इकॉनमी... हमारी सप्त धारा की सांतवीं धारा है और दुनिया के लिए इसका अपना भी महत्व है जो है, भारत की 'सॉफ्ट पावर'..."।

August 15, 2026

लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया: PM मोदी

PM मोदी ने कहा कि एक समय था जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ एयरकंडीशनर चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग हमें बता रहे थे कि ग्लोबलाइजेशन  का क्या होगा, लेकिन पूरी दुनिया देख रही है कि पिछले 1 दशक में ऐसा लग रहा है कि लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया। जहां से ग्लोबलाइजेशन की आवाजें आती थीं, अब वो आवाजें सुनाई नहीं देती है, लेकिन दुर्भाग्य से इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने अपना रुतबा दिखाने के लिए संसाधनों को वेपनाइज्ड करने का खेल खेला है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया अपने पास जो कुछ भी है उसे वेपनाइज्ड करने में लगी है। संसाधनों का वेपनाइज्ड, पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां, इतना ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा है। ऐसे समय अगर हम आत्मनिर्भर के मंत्र को लेकर 10 साल सही दिशा में न चले होते तो हम ऐसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कैसे करते।

2047 का लक्ष्य मजबूत नींव पर खड़ा है: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा, 'मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, इन मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य, पिछले 12 वर्षों में देशवासियों ने जो सामर्थ्य दिखाया है उस सामर्थ्य का हिस्सा है। सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अब हम रुक नहीं सकते हैं, हमारी गति नहीं रुक सकती है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी दिशा तय हो चुकी है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 15 August 2026 at 09:53 IST