अपडेटेड 23 March 2026 at 14:34 IST
भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम रिजर्व, भविष्य के लिए 65 लाख मीट्रिक टन पर काम जारी- लोकसभा में बोले PM मोदी
मिडिल ईस्ट के तनावपूर्ण हालात में पीएम मोदी ने लोकसभा को बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने ऊर्जा आयात स्रोतों पर क्या-क्या काम किया है। पीएम ने देश को पेट्रोलियम भंडारण और रिफाइनिंग क्षमता के बारे में भी जानकारी दी।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के प्रयासों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा को महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में सरकार ने ऊर्जा आयात में विविधीकरण (Diversification) पर विशेष जोर दिया है, जिससे वर्तमान वैश्विक चुनौतियों में भारत की स्थिति काफी मजबूत हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट के चिंताजनक हालात ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को और अधिक प्रासंगिक बना रहे हैं। भारत ने बीते 11 वर्षों में क्रूड ऑयल, LNG और LPG जैसी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए आयात स्रोतों को बढ़ाया है। पहले जहां भारत केवल 27 देशों से ऊर्जा आयात करता था, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों तक पहुंच गई है। इससे आपूर्ति श्रृंखला में विविधता आई है और किसी एक क्षेत्र और देश पर निर्भरता कम हुई है।
53 लाख मीट्रिक टन पेट्रोलियम रिजर्व
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण पर भी जोर दिया। सरकार ने संकटकाल के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। पीएम मोदी ने बताया कि वर्तमान में देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का पेट्रोलियम रिजर्व उपलब्ध है, जबकि 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक क्षमता की व्यवस्था पर काम चल रहा है। तेल कंपनियों के अपने अलग रिजर्व को इसमें शामिल नहीं किया गया है। रिफाइनिंग क्षमता के बारे में जानकारी देते हुए पीएम ने बताया कि इसमें उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले 11 वर्षों में रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ी है।
कई जहाज भारत पहुंचे
सरकार अलग-अलग देशों के आपूर्तिकर्ताओं के साथ निरंतर संपर्क में है ताकि जहां संभव हो, वहां से तेल और गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहे। मिडिल ईस्ट और आसपास के समुद्री मार्गों पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रयास है कि तेल, गैस, उर्वरक और अन्य आवश्यक सामग्रियों से जुड़े जहाज सुरक्षित रूप से भारत पहुंचें। वैश्विक सहयोगियों के साथ संवाद जारी है। इन प्रयासों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे कई जहाज भारत पहुंच सके हैं।
एथेनॉल से बचत
पीएम मोदी ने बताया कि संकट के समय में एक और महत्वपूर्ण तैयारी एथेनॉल ब्लेंडिंग है। पिछले 10-11 वर्षों में इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। एक दशक पहले पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग मात्र 1-1.5 प्रतिशत थी, जो आज बढ़कर 20 प्रतिशत हो गई है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 4.5 करोड़ बैरल क्रूड ऑयल का आयात कम हुआ है। इसी तरह अगर रेलवे को बिजली की जगह डीजल पर निर्भर रहना पड़ता, तो हर साल अतिरिक्त 180 करोड़ लीटर डीजल की आवश्यकता होती।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 23 March 2026 at 14:25 IST