9/11 के 25 साल... पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर दिया जोर

9/11 के 25 साल पूरे होने पर, प्रधानमंत्री मोदी ने हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ वैश्विक एकजुटता पर जोर दिया। भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है और इस खतरे के खिलाफ उसका संकल्प अटूट है।

9/11 के 25 साल... पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर दिया जोर | Image: X

9/11 के भयानक हमलों के पूरे 25 साल बीत चुके हैं। इस गंभीर अवसर पर हम न केवल उन निर्दोष पीड़ितों को याद करते हैं और उनका सम्मान करते हैं, बल्कि उन परिवारों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं जिनका जीवन इस त्रासदी के बाद हमेशा के लिए बदल गया था। समय बीतने के साथ जख्म भले ही भरते हों, लेकिन इस दिन का दर्द पूरी मानवता के लिए एक स्थाई सबक है।

सीमा पार आतंकवाद पर भारत की भूमिका

आतंकवाद ने दुनिया भर में अनगिनत लोगों की जान ली है और वैश्विक शांति को खतरे में डाला है। क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म के सबसे बड़े शिकार के रूप में भारत ने कई दशकों से इस विकृत मानसिकता के खिलाफ लंबी और कठिन लड़ाई लड़ी है। आतंकवाद किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की समस्या है। भारत ने हमेशा वैश्विक मंचों पर यह स्पष्ट किया है कि जब तक आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जाता, तब तक दुनिया सुरक्षित नहीं हो सकती।

आतंकवाद के सभी रूपों का विरोध

भले ही आतंकवाद का खतरा लगातार नए और जटिल रूपों में विकसित होता रहता है, लेकिन इसके सभी स्वरूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ हमारा संकल्प पूरी तरह अटूट है। दुनिया के किसी भी कोने में पनाह पाने वाले आतंकवाद के खिलाफ भारत हर उस वैश्विक प्रयास के साथ मजबूती से खड़ा है जो इस नासूर को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहता है।

स्मृति और आत्मनिरीक्षण का क्षण

साल 2014 में 9/11 स्मारक और संग्रहालय की मेरी यात्रा की यादें आज भी इस बात की गवाही देती हैं कि यह त्रासदी मानवता के दिलों पर कितनी गहरी छाप छोड़ गई है। यह संग्रहालय केवल एक इतिहास का पन्ना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि हमें आतंकवाद के खिलाफ कितनी सतर्कता और एकजुटता की आवश्यकता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि सभी देश अपने वैचारिक मतभेदों को भुलाकर इस वैश्विक खतरे के खिलाफ एक मजबूत और साझा रणनीति बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और भयमुक्त दुनिया सौंपी जा सके।

September 11, 2026

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 11 September 2026 at 13:09 IST