हेमंत सरकार, भ्रष्टाचार की भरमार... छात्र आंदोलन के जरिए फूटा जन आक्रोश
हेमंत सरकार में हो रहे करप्शन की ये वो कलई है जिसे गड़बड़ी का नाम दिया जा रहा है। कथित धांधली कह कर हेमंत सरकार की कारगुजारियों का बचाव किया जा रहा है। ये ना तो पेपर लीक है और ना ही गड़बड़ी का खेल, ये शुद्ध रूप से भ्रष्टाचार है। जो हेमंत सरकार की राज में फल फूल रहा है और सरकार कान में तेल डालकर सो रही है।
- विचार एवं विश्लेषण समाचार
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देश झारखंड की ऐसी पहली तस्वीर देख रहा है। छात्र आंदोलन कर रहे हैं, अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और हेमंत सरकार दाएं-बाएं करने में लगी है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ हजारों छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 2 सप्ताह से ज्यादा वक्त से धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये पेपर लीक का मामला है… सवाल ये है कि क्या JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली का मैटर है… सवाल ये भी है कि परीक्षाओं में अनियमितताओं का खेल है।
हेमंत सरकार में हो रहे करप्शन की ये वो कलई है जिसे गड़बड़ी का नाम दिया जा रहा है। कथित धांधली कह कर हेमंत सरकार की कारगुजारियों का बचाव किया जा रहा है। ये ना तो पेपर लीक है और ना ही गड़बड़ी का खेल, ये शुद्ध रूप से भ्रष्टाचार है। जो हेमंत सरकार की राज में फल फूल रहा है और सरकार कान में तेल डालकर सो रही है। अगर ऐसा नहीं है तो फिर बताइये ना हर पद के लिए रेट क्यों फिक्स है?
चाहे सिपाही का हो या फिर डीएसपी का, हर पद की नीलामी हो रही है और क्या सीएम हेमंत सोरेन बेखबर है? झारखंड की पूरी जनता ये जानती है कि पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार अपना घर बना लिया है और हेमंत सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
अभी छात्र सड़क पर उतरे हैं। आने वाले वक्त में जनता सड़कों पर उतरने वाली है वो भी छोटे-छोटे कस्बों से, वजह है पूरे प्रदेश में करप्शन की काली छाया मौजूद है, जिससे हर किसी को दिक्कत हो रही है। यकीन ना हो तो झारखंड के किसी भी कस्बे में चले जाइए, किसी तहसील में चले जाइए, किसी कोर्ट-कचहरी में कदम रख लीजिए, भ्रष्टाचार का खुलेआम बोलबाला है।
गांव के मुखिया से लेकर पार्षद तक, सीओ से लेकर BDO तक करप्शन की कड़ाही में रच बस गए हैं। जिले का डीसी हो या फिर कचहरी का रजिस्ट्रार सबके हाथ भ्रष्टाचार से रंगे हुए हैं। मतलब झारखंड के छोटे कर्मचारी से लेकर अफसर तक करप्शन की काली दुनिया के वो सिपाही हैं, जो बिना लेन-देन के कोई भी काम करने से साफ-साफ मना कर देते हैं। ऐसा नहीं है कि ये एक दिन में हुआ है।
हेमंत सरकार के पिछले 6 साल के शासन में भ्रष्टाचार फला-फूला ही नहीं बल्कि करप्शन का पूरा कारोबार खड़ा हो गया है और हेमंत सरकार और उनके कुनबे के लोग मूकदर्शक बने हुए हैं या फिर सरकार ही उन भ्रष्टाचारियों को शह दे रहे हैं। जो अफसर कर्मचारी खुलेआम जनता से वसूली कर रहे हैंं, वजह जो भी हो लेकिन इसकी शुरुआत छात्रों ने कर दी है और अब सरकार से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं।
छात्रों ने जो अलख जगाई है यकीन मानिए झारखंड के सुदूर से सुदूर इलाकों में जाइएगे तो पाएंगे वहां आपकी भाषा भले नहीं समझ पा रहे हो लेकिन रंग बिरंगे नोटों की भाषा बखूबी समझते हैं। इसलिए झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक बिना करप्शन के नहीं हो सकता है। झारखंड में अभी भ्रष्टचार चरम पर है और इस बीमारी का इलाज जल्द नहीं हुआ तो यकीन मानिए झारखंड के हर जिले में एक जंतर-मंतर होगा और वो बुलंद आवाज होगी, जिससे हेमंत सरकार के अबतक के भ्रष्टाचारी इकोसिस्टम पर जबरदस्त प्रहार होगा।
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Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 10 August 2026 at 20:05 IST