Benefits of Crying: रोने के भी होते हैं बड़े फायदे, ये दिलचस्प फैक्ट्स जान रह जाएंगे हैरान

Health News: रोने को लेकर आपके भी मन में अक्सर सवाल उठते होंगे कि आखिर कैसे इमोशनल होने पर आसू आंखों से निकलने लगते हैं ?

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Health News: रोने को लेकर आपके भी मन में अक्सर सवाल उठते होंगे कि आखिर कैसे इमोशनल होने पर आसू आंखों से निकलने लगते हैं ? साथ ही इससे मन भी हल्का हो जाता है। कई रिसर्च में पाया गया है कि रोना हमारे शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है। वहीं रोने को लेकर कई फैक्ट्स होते हैं जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। तो क्या हैं यह दिलचस्प फैक्ट्स, आइए जानते हैं।  

इंसान का दिमाग बेहद कॉम्प्लेक्स होता है जिसे पूरी तरह से समझना लगभग नामुमकिन है। हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स दिमाग का थोड़ा बहुत हिस्सा समझने में कामयाब रहे हैं लेकिन वह भी पूर्ण तरीके से सभी पर लागू नहीं किया जा सकता। 

असल में जब आप किसी बात या हादसे को लेकर इमोशनल हो जाते हैं तो आपको रोना आता है। आंखों से आंसू निकलने पर एक ल्यूसीन-एनकेफेलिन जारी होता है जो एक एंडोर्फिन है। यह मन को शांत और दर्द को कम करने में मदद करता है। वहीं इससे आपको हर तरह से आराम भी मिलता है। जिसके बाद आप सुकून महसूस करते हैं और मन भी हलका हो जाता है। 

रोने से हमारी आंखों से बैक्टीरिया खत्म होता है और आपकी आंखें साफ होती है। शायद पता ना हो लेकिन रोने से हमारा इम्यून सिस्टम भी स्ट्रॉन्ग होता है क्योंकि इससे स्ट्रेस खत्म हो जाता है। वहीं अगर हम आंसू रोकने की कोशिश करते हैं यह हमारे शरीर को ज्यादा स्ट्रेस देता है, जिससे चिड़चिड़ापन होना संभव है। 

साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर पूनम के मुताबिक, जब हम दुख में रोते हैं तो पहले हमारी लेफ्ट आंख से आंसू आते हैं, वहीं खुशी में रोते हैं तो राइट से आते हैं। उनका कहना है कि जब हम रोते हैं तो हमारा शरीर जो दर्द कह नहीं पाता वो आंसू के माध्यम से जाहिर होता है। रात को रोने के बाद आपको अच्छी नींद का अनुभव होता है, क्योंकि एंग्जाइटी आपको नींद नहीं आने देती। 

महिलाओं के शरीर में पुरुषों की तुलना में 60% ज्यादा प्रोलैक्टिन होता है। इसलिए महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रोती हैं। सेंसिटिव लोग जल्दी रोते हैं, दूनिया में 20 प्रतिशत लोग ज्यादा सेंसिटिव होते हैं। जो लोग अपनी बात औरों के सामने कह नहीं पाते उनके लिए रोना ज्यादा बेहतर होता है ताकि उनके इमोशन्स थोड़ा बेहतर हो जाएं और वो डिप्रेशन में ना जाएं।  

कैसे करें खुद पर काम? 

सबसे पहले आपको यह जानना जरूरी है कि आपके आंसुओं का कारण क्या है? अपने आंसुओं का कारण पता करें। यह किसी ताजा घटना की वजह से है या फिर ये किसी पुराने एक्सपीरियंस के कारण आ रहे हैं। अपने इमोशंस को समझना बहुत जरूरी है। अगर सिर्फ किसी ताजा समस्या की वजह से ऐसा हो रहा है तो थोड़ा सा रो लेना बेहतर है। लेकिन अगर किसी पुरानी बात को लेकर आप बार बार रो रहे हैं तो आप अपनी भावनाओं को कंट्रोल नहीं कर पा रहे, ऐसे में आपको एक्सपर्ट से मिलने की जरूरत है। 

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 27 January 2023 at 07:17 IST