अपडेटेड 25 March 2026 at 16:54 IST
Kala Namak Rice: क्या है काला नमक चावल? जो देश में ₹300 तो विदेशों में ₹1500 प्रति किलो तक बिकता है, जानिए इसकी खासियत
Kala Namak Rice: काला नमक चावल, जिसे 'बुद्ध का महाप्रसाद' भी कहा जाता है, भारत की सबसे बेशकीमती चावल प्रजातियों में से एक है। मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर और तराई क्षेत्रों में उगाया जाने वाला यह चावल अपने अनोखे स्वाद, गहरे रंग के छिलके और मनमोहक खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
Kala Namak Rice: भारत की कृषि विरासत में कुछ ऐसे रत्न छिपे हैं, जिनकी चमक अब सात समंदर पार तक पहुंच रही है। इन्हीं में से एक है 'काला नमक चावल'। इसे 'बुद्ध का महाप्रसाद' भी कहा जाता है, क्योंकि मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने निर्वाण के समय इसी चावल को प्रसाद स्वरूप लोगों को दिया था।
आइए जानते हैं कि आखिर इस चावल में ऐसा क्या है जो इसकी कीमत घरेलू बाजार में ₹300 और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹1500 प्रति किलो तक पहुंच जाती है। यह काला नमक चावल सेहत के लिए कितना फायदेमंद है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
क्या है काला नमक चावल?
नाम सुनकर भ्रम हो सकता है कि यह चावल नमकीन होगा, लेकिन असल में इसका नाम इसके काले छिलके के कारण पड़ा है। छिलका हटने के बाद यह चावल सफेद और चमकदार निकलता है। यह अपनी बेहतरीन सुगंध, लंबे दानों और औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। आपको बता दें, बौद्ध काल में बिहार का वैशाली क्षेत्र भी काला नमक चावल के लिए प्रसिद्ध था।
काला नमक चावल की खासियत क्या है?
काला नमक चावल सिर्फ एक अनाज नहीं, बल्कि गुणों की खान है। कइसे पकाते समय इसकी खुशबू पूरे घर और आस-पड़ोस में फैल जाती है। यही कारण है कि इसे 'सुगंधित काला नमक चावल' भी कहा जाता है। इसमें आयरन और जिंक की मात्रा अन्य चावलों के मुकाबले चार से पांच गुना अधिक होती है। यह एनीमिया को दूर करने में बहुत सहायक है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है, जिस कारण यह मधुमेह के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इतना ही नहीं, यह बेहद हल्का होता है और आसानी से पच भी जाता है। इसमें मौजूद ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं।
काला नमक चावल की कीमत में क्यों है बड़ा अंतर?
भारत में इसकी कीमत ₹250 से ₹350 प्रति किलो के बीच रहती है, लेकिन जैसे ही यह चावल दुबई, अमेरिका या यूरोप के बाजारों में पहुंचता है, इसकी मांग और कीमत दोनों आसमान छूने लगती हैं। विकसित देशों में 'सुपरफूड्स' की भारी मांग है। काला नमक चावल अपने पोषक तत्वों के कारण वहां एक प्रीमियम हेल्थ फूड के रूप में देखा जाता है।यह चावल मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में गौतम बुद्ध के काल से की जाती रही है। इसे लग्जरी चावलों में से भी एक माना जाता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 25 March 2026 at 16:54 IST