How To Choose Supplements: क्या आप भी लेते हैं हेल्थ और ब्यूटी सप्लीमेंट्स? इन बातों का रखें खास ख्याल, वरना सेहत को हो सकता है भारी नुकसान!
Supplements Precautions: हेल्थ और ब्यूटी सप्लीमेंट्स कोई जादू की पुड़िया नहीं हैं। ये तभी असर करते हैं जब आपकी लाइफस्टाइल, नींद और डाइट अच्छी हो। किसी भी आकर्षक विज्ञापन के झांसे में आकर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न करें। सही जानकारी लें, डॉक्टर से पूछें और अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से ही सप्लीमेंट्स का चुनाव करें।
Right Way Of Choosing Supplements: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट, एनर्जेटिक और खूबसूरत बनाए रखने के लिए सप्लीमेंट्स लेना एक आम बात हो गई है। बाजार रंग-बिरंगे डिब्बों से भरा पड़ा है जो चमकती त्वचा, घने बालों और भरपूर ताकत का दावा करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दोस्तों के कहने पर या इंटरनेट पर विज्ञापन देखकर जो सप्लीमेंट आप खरीद रहे हैं, वह आपके शरीर के लिए सही है या नहीं?
अगर सप्लीमेंट्स का चुनाव सही तरीके से न किया जाए, तो यह फायदे की जगह सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इस विषय में एक्सपर्ट शिल्पा खन्ना ठक्कर (CEO, Chicnutrix) ने हमें कई टिप्स बताएं, जिससे हम पता लगा सकते हैं कि हेल्थ या ब्यूटी सप्लीमेंट खरीदते और खाते समय किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह है सबसे जरूरी
हम अक्सर दूसरों की देखा-देखी सप्लीमेंट्स खाना शुरू कर देते हैं। हर इंसान का शरीर अलग होता है। किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर से मिलें और ब्लड टेस्ट जैसे विटामिन-डी, बी12, आयरन आदि करवाएं। जब तक शरीर में किसी चीज की असली कमी न हो, उसे बाहर से लेने का कोई फायदा नहीं है।
अपनी जरूरत को पहचानें
सप्लीमेंट का मतलब होता है कमी को पूरा करना। यह आपके रोजमर्रा के खाने का विकल्प नहीं है। अगर आप अच्छा और संतुलित भोजन कर रहे हैं, तो शायद आपको किसी मल्टीविटामिन की जरूरत ही न पड़े। ब्यूटी सप्लीमेंट्स जैसे कोलेजन या बायोटिन लेने से पहले यह जान लें कि क्या आपकी डाइट में प्रोटीन और विटामिन्स की कमी है, जिसे आप नेचुरल खाने से पूरा कर सकते हैं।
डिब्बे पर लगा लेबल पढ़ना सीखें
कोई भी प्रोडक्ट खरीदते समय उसके पीछे लिखा लेबल जरूर पढ़ें।
- FSSAI या जरूरी सर्टिफिकेशन: भारत में सप्लीमेंट्स पर FSSAI का मार्क होना जरूरी है। इससे पता चलता है कि प्रोडक्ट सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है।
- छुपी हुई चीनी और केमिकल्स: कई गमीज और पाउडर में बहुत ज्यादा चीनी या आर्टिफिशियल रंग होते हैं, जो सेहत बिगाड़ सकते हैं।
- एक्सपायरी डेट: प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट चेक करना कभी न भूलें।
असली और नकली की पहचान करें
आजकल बाजार में और ऑनलाइन कई नकली सप्लीमेंट्स बिक रहे हैं। नकली प्रोडक्ट खाने से लिवर और किडनी पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।
हमेशा ऑथराइज्ड डीलर, जानी-मानी फार्मेसी या कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट से ही खरीदारी करें। बहुत भारी डिस्काउंट के लालच में न आएं, अक्सर नकली प्रोडक्ट्स पर ही सबसे ज्यादा छूट मिलती है।
ओवरडोज से बचें
कई लोगों को लगता है कि अगर दिन में एक गोली की जगह दो खा ली जाएं, तो बाल जल्दी लंबे हो जाएंगे या ताकत जल्दी आ जाएगी। यह एक बहुत बड़ा मिथक है।
पानी में घुलने वाले विटामिन्स जैसे विटामिन-सी तो शरीर से पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते हैं। लेकिन फैट में घुलने वाले विटामिन्स जैसे ए,डी, ई, के को ज्यादा लेने पर शरीर में जमा होने लगते हैं और टॉक्सिसिटी का कारण बन सकते हैं। हमेशा उतनी ही डोज लें जितनी डॉक्टर ने बताई है।
अपनी रेगुलर दवाओं का ध्यान रखें
अगर आप पहले से ही ब्लड प्रेशर, शुगर, थायराइड या खून पतला करने की कोई दवा खा रहे हैं, तो कोई भी नया सप्लीमेंट लेने से पहले सतर्क हो जाएं। कई सप्लीमेंट्स आपकी रेगुलर दवाओं के साथ मिलकर रिएक्शन कर सकते हैं और उनका असर कम या ज्यादा कर सकते हैं।
हेल्थ और ब्यूटी सप्लीमेंट्स कोई जादू की पुड़िया नहीं हैं। ये तभी असर करते हैं जब आपकी लाइफस्टाइल, नींद और डाइट अच्छी हो। किसी भी आकर्षक विज्ञापन के झांसे में आकर अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ न करें। सही जानकारी लें, डॉक्टर से पूछें और अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से ही सप्लीमेंट्स का चुनाव करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं। REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 14 May 2026 at 22:52 IST